बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
बिष्नु बिरंचि आदि सुरब्राता। चढ़ि चढ़ि बाहन चले बराता।।
मूल पाठ
बिष्नु बिरंचि आदि सुरब्राता। चढ़ि चढ़ि बाहन चले बराता।।
सुर समाज सब भाँति अनूपा। नहिं बरात दूलह अनुरूपा।।
स्रोत अभिलेख 1.92 · पुस्तक पृ. 106, 106
भावार्थ
मूल पाठ के बादविष्णु और ब्रह्मा आदि देवताओंके समूह अपने-अपने वाहनों (सवारियों) पर चढ़कर बरातमें चले। देवताओंका समाज सब प्रकारसे अनुपम (परम सुन्दर) था, पर दूल्हेके योग्य बरात न थी॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 106 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 बिष्नु बिरंचि आदि सुरब्राता। चढ़ि चढ़ि बाहन चले बराता।।
English explanation
Vishnu, Brahma, and the other hosts of gods mount their respective vehicles and set out in the wedding procession.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बिष्नु | भगवान विष्णु | Vishnu, the preserver deity |
| बिरंचि | ब्रह्मा; सृष्टिकर्ता देवता | Brahma, the creator deity |
| आदि | आदि; तथा अन्य | and others |
| सुरब्राता | देवताओं के समूह | hosts of gods |
| चढ़ि | चढ़कर | mounting |
| चढ़ि | अपने-अपने पर चढ़कर | each mounting in turn |
| बाहन | सवारी के वाहन | vehicles; mounts |
| चले | चल पड़े | set out |
| बराता | बारात में | in the wedding procession |
2 सुर समाज सब भाँति अनूपा। नहिं बरात दूलह अनुरूपा।।
English explanation
The assembly of gods is incomparable in every way, but the wedding procession does not match the groom.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सुर | देवताओं का | of the gods |
| समाज | समुदाय; सभा | assembly; company |
| सब | सभी; हर | every; all |
| भाँति | प्रकार से | in respect; in manner |
| अनूपा | अनुपम; बेजोड़ | incomparable |
| नहिं | नहीं है | is not |
| बरात | विवाह की बारात | wedding procession |
| दूलह | दूल्हे के | to the groom |
| अनुरूपा | अनुरूप; मेल खाने वाली | suited; matching |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.92
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 106
- सहायक विषय
- देवताओंका शिवजीसे ब्याहके लिये प्रार्थना करना, सप्तर्षियोंका पार्वतीके पास जाना
- मुद्रित पृष्ठ
- 106, 106
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।