बालकाण्ड · दोहा 92 · दोहा/सोरठा
बिष्नु कहा अस बिहसि तब बोलि सकल दिसिराज।
बिष्नु कहा अस बिहसि तब बोलि सकल दिसिराज।
बिलग बिलग होइ चलहु सब निज निज सहित समाज।।92।।
मूल पाठ · स्रोत अभिलेख 1.92 · पुस्तक पृ. 106, 106
भावार्थ और शब्दार्थ
AI प्रारूपशब्दार्थ और भावार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। इन्हें अंतिम व्याख्या न मानें।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1बिष्नु कहा अस बिहसि तब बोलि सकल दिसिराज।
तब विष्णु ने हँसकर सभी दिशाओं के अधिपतियों को बुलाया और ऐसा कहा:
English explanation
Then Vishnu, laughing, summoned all the guardians of the directions and said this:
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बिष्नु | भगवान विष्णु | Vishnu, the preserver deity |
| कहा | कहा | said |
| अस | ऐसा; इस प्रकार | this; thus |
| बिहसि | हँसकर | laughing |
| तब | तब | then |
| बोलि | बुलाकर | having summoned |
| सकल | सभी | all |
| दिसिराज | दिशाओं के अधिपति; दिक्पाल | guardians of the directions |
2 बिलग बिलग होइ चलहु सब निज निज सहित समाज।।92।।
तुम सब अलग-अलग होकर अपने-अपने समुदाय के साथ चलो।
English explanation
All of you, separate into your own groups and proceed with your respective retinues.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बिलग | अलग | separate |
| बिलग | अलग; अपने-अपने समूह में | separately; in distinct groups |
| होइ | होकर | having become |
| चलहु | चलो | proceed |
| सब | तुम सभी | all of you |
| निज | अपने | your own |
| निज | अपने-अपने | respective |
| सहित | के साथ | together with |
| समाज | समुदाय; साथियों का दल | company; retinue |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- दोहा/सोरठा 92
- स्रोत अभिलेख
- 1.92
- सहायक विषय
- देवताओंका शिवजीसे ब्याहके लिये प्रार्थना करना, सप्तर्षियोंका पार्वतीके पास जाना
- मुद्रित पृष्ठ
- 106, 106
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