बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
सयन कीन्ह नृप आयसु मानी। आसन जाइ बैठ छलग्यानी।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दराजाने आज्ञा मानकर शयन किया और वह कपट-ज्ञानी आसनपर जा बैठा। राजा थका था, [उसे] खूब (गहरी) नींद आ गयी। पर वह कपटी कैसे सोता। उसे तो बहुत चिन्ता हो रही थी॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 172 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
सयन कीन्ह नृप आयसु मानी। आसन जाइ बैठ छलग्यानी।।
श्रमित भूप निद्रा अति आई। सो किमि सोव सोच अधिकाई।।
स्रोत अभिलेख 1.17 · पुस्तक पृ. 172, 173
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 सयन कीन्ह नृप आयसु मानी। आसन जाइ बैठ छलग्यानी।।
English explanation
AI draft: Obeying the instruction, the king lay down to sleep; the man skilled in deceit went and sat on his seat.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सयन | शयन; सोना | lying down to sleep |
| कीन्ह | किया | did |
| नृप | राजा ने | the king |
| आयसु | आज्ञा | the instruction |
| मानी | मानकर | having obeyed |
| आसन | आसन पर | on his seat |
| जाइ | जाकर | having gone |
| बैठ | बैठ गया | sat down |
| छलग्यानी | छल में निपुण कपटी तपस्वी | the deceitful ascetic, skilled in trickery |
2 श्रमित भूप निद्रा अति आई। सो किमि सोव सोच अधिकाई।।
English explanation
The exhausted king fell deeply asleep; but how could the deceiver sleep, with such great anxiety?
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| श्रमित | थके हुए | exhausted |
| भूप | राजा को | to the king |
| निद्रा | नींद | sleep |
| अति | बहुत | deeply; greatly |
| आई | आ गई | came |
| सो | वह कपटी तपस्वी | that deceitful ascetic |
| किमि | कैसे | how |
| सोव | सोए | could sleep |
| सोच | चिंता | anxiety |
| अधिकाई | अधिक थी | was great |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.17
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 172
- सहायक विषय
- प्रतापभानुकी कथा
- मुद्रित पृष्ठ
- 172, 173
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।