बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
समुझि बिबिधि बिधि बिनती मोरी। कोउ न कथा सुनि देइहि खोरी।।
मूल पाठ
समुझि बिबिधि बिधि बिनती मोरी। कोउ न कथा सुनि देइहि खोरी।।
एतेहु पर करिहहिं जे असंका। मोहि ते अधिक ते जड़ मति रंका।।
स्रोत अभिलेख 1.12 · पुस्तक पृ. 33, 33
भावार्थ
मूल पाठ के बादमेरी अनेकों प्रकारकी विनतीको समझकर, कोई भी इस कथाको सुनकर दोष नहीं देगा। इतनेपर भी जो शंका करेंगे, वे तो मुझसे भी अधिक मूर्ख और बुद्धिके कंगाल हैं॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 33 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 समुझि बिबिधि बिधि बिनती मोरी। कोउ न कथा सुनि देइहि खोरी।।
English explanation
Understanding my pleas made in various ways, let no one blame me after hearing the narrative.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| समुझि | समझकर | having understood |
| बिबिधि | विविध; अनेक | various; many |
| बिधि | प्रकार से | in ways |
| बिनती | विनती; निवेदन | plea; request |
| मोरी | मेरी | my |
| कोउ | कोई | anyone |
| न | न | not |
| कथा | कथा | narrative |
| सुनि | सुनकर | after hearing |
| देइहि | दे; लगाए | give; assign |
| खोरी | दोष | blame |
2 एतेहु पर करिहहिं जे असंका। मोहि ते अधिक ते जड़ मति रंका।।
English explanation
Those who still raise doubts after all this are duller than I am and poorer in understanding.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| एतेहु | इतने पर भी | even after this much |
| पर | पर; के बाद | after; upon |
| करिहहिं | करेंगे | will raise |
| जे | जो लोग | those who |
| असंका | शंका; संदेह | doubt; misgiving |
| मोहि | मुझ | me |
| ते | से | than |
| अधिक | अधिक | more |
| ते | वे | they |
| जड़ | जड़; मूढ़ | dull; foolish |
| मति | बुद्धि के | in understanding |
| रंका | दरिद्र | impoverished |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.12
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 33
- सहायक विषय
- तुलसीदासजीकी दीनता और रामभक्तिमयी कविताकी महिमा
- मुद्रित पृष्ठ
- 33, 33
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