बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
सब प्रकार राजहि अपनाई। बोलेउ अधिक सनेह जनाई।।
मूल पाठ
सब प्रकार राजहि अपनाई। बोलेउ अधिक सनेह जनाई।।
सुनु सतिभाउ कहउँ महिपाला। इहाँ बसत बीते बहु काला।।
स्रोत अभिलेख 1.161 · पुस्तक पृ. 165, 166
भावार्थ
मूल पाठ के बादसब प्रकारसे राजाको अपने वशमें करके, अधिक स्नेह दिखाता हुआ वह (कपट-तपस्वी) बोला—हे राजन्! सुनो, मैं तुमसे सत्य कहता हूँ, मुझे यहाँ रहते बहुत समय बीत गया॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 166 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 सब प्रकार राजहि अपनाई। बोलेउ अधिक सनेह जनाई।।
English explanation
Taking the king fully into his confidence, he spoke with a greater show of affection.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सब | सभी | all |
| प्रकार | प्रकार से | in ways |
| राजहि | राजा को | the king |
| अपनाई | अपनाकर | taking into his confidence |
| बोलेउ | वह बोला | he spoke |
| अधिक | अधिक | greater |
| सनेह | स्नेह | affection |
| जनाई | जताकर | showing |
2 सुनु सतिभाउ कहउँ महिपाला। इहाँ बसत बीते बहु काला।।
English explanation
Listen, O king, I speak truthfully: I have lived here for a long time.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सुनु | सुनो | listen |
| सतिभाउ | सच्ची बात | the truth |
| कहउँ | मैं कहता हूँ | I say |
| महिपाला | हे राजा | O king |
| इहाँ | यहाँ | here |
| बसत | रहते हुए | while living |
| बीते | बीत गया है | has passed |
| बहु | बहुत | much |
| काला | समय | time |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.161
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 166
- सहायक विषय
- प्रतापभानुकी कथा
- मुद्रित पृष्ठ
- 165, 166
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।