बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
जोसि सोसि तव चरन नमामी। मो पर कृपा करिअ अब स्वामी।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दआप जो हों सो हों (अर्थात् जो कोई भी हों), मैं आपके चरणोंमें नमस्कार करता हूँ। हे स्वामी! अब मुझपर कृपा कीजिये। अपने ऊपर राजाकी स्वाभाविक प्रीति और अपने विषयमें उसका अधिक विश्वास देखकर—॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 166 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
जोसि सोसि तव चरन नमामी। मो पर कृपा करिअ अब स्वामी।।
सहज प्रीति भूपति कै देखी। आपु बिषय बिस्वास बिसेषी।।
स्रोत अभिलेख 1.161 · पुस्तक पृ. 165, 166
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 जोसि सोसि तव चरन नमामी। मो पर कृपा करिअ अब स्वामी।।
English explanation
Whoever you may be, I bow at your feet. Master, now show me kindness.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जोसि | जो तुम हो | whoever you are |
| सोसि | वही हो | such you are |
| तव | तुम्हारे | your |
| चरन | चरणों को | at the feet |
| नमामी | मैं प्रणाम करता हूँ | I bow |
| मो | मुझ | me |
| पर | पर | upon |
| कृपा | कृपा | kindness |
| करिअ | कीजिए | please bestow |
| अब | अब | now |
| स्वामी | हे स्वामी | O master |
2 सहज प्रीति भूपति कै देखी। आपु बिषय बिस्वास बिसेषी।।
English explanation
He saw the king’s sincere affection and exceptional trust in him.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सहज | स्वाभाविक, निष्कपट | natural and sincere |
| प्रीति | प्रेम | affection |
| भूपति | राजा | the king |
| कै | का | of |
| देखी | देखा | saw |
| आपु | अपने | himself |
| बिषय | प्रति | toward |
| बिस्वास | विश्वास | trust |
| बिसेषी | विशेष | exceptional |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.161
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 166
- सहायक विषय
- प्रतापभानुकी कथा
- मुद्रित पृष्ठ
- 165, 166
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।