बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
तेहि तें कहहि संत श्रुति टेरें। परम अकिंचन प्रिय हरि केरें।।
मूल पाठ
तेहि तें कहहि संत श्रुति टेरें। परम अकिंचन प्रिय हरि केरें।।
तुम्ह सम अधन भिखारि अगेहा। होत बिरंचि सिवहि संदेहा।।
स्रोत अभिलेख 1.161 · पुस्तक पृ. 165, 166
भावार्थ
मूल पाठ के बादइसीसे तो संत और वेद पुकारकर कहते हैं कि परम अकिञ्चन (सर्वथा अहंकार, ममता और मानरहित) ही भगवान्को प्रिय होते हैं। आप-सरीखे निर्धन, भिखारी और गृहहीनोंको देखकर ब्रह्मा और शिवजीको भी सन्देह हो जाता है [कि वे वास्तविक संत हैं या भिखारी]॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 165 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 तेहि तें कहहि संत श्रुति टेरें। परम अकिंचन प्रिय हरि केरें।।
English explanation
That is why saints and the Vedas proclaim that those who claim nothing as their own are dear to Hari.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| तेहि | उसी कारण | that reason |
| तें | से | because of |
| कहहि | कहते हैं | say |
| संत | संतजन | saints |
| श्रुति | वेद | the Vedas |
| टेरें | पुकारकर | proclaiming aloud |
| परम | सर्वथा | utterly |
| अकिंचन | कुछ भी अपना न मानने वाले | those claiming nothing as their own |
| प्रिय | प्रिय | dear |
| हरि | भगवान हरि | Lord Hari |
| केरें | के | to |
2 तुम्ह सम अधन भिखारि अगेहा। होत बिरंचि सिवहि संदेहा।।
English explanation
Even Brahma and Shiva may be uncertain about the true identity of someone like you—penniless, living on alms, and without a home.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| तुम्ह | तुम्हारे | you |
| सम | समान | like |
| अधन | धनहीन | penniless |
| भिखारि | भिक्षा पर जीने वाले | living on alms |
| अगेहा | घरहीन | without a home |
| होत | होता है | arises |
| बिरंचि | ब्रह्मा को | for Brahma, the creator |
| सिवहि | शिव को | for Shiva |
| संदेहा | संदेह | uncertainty |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.161
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 165
- सहायक विषय
- प्रतापभानुकी कथा
- मुद्रित पृष्ठ
- 165, 166
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।