बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
सत्य नाथ पद गहि नृप भाषा। द्विज गुर कोप कहहु को राखा।।
मूल पाठ
सत्य नाथ पद गहि नृप भाषा। द्विज गुर कोप कहहु को राखा।।
राखइ गुर जौं कोप बिधाता। गुर बिरोध नहिं कोउ जग त्राता।।
स्रोत अभिलेख 1.166 · पुस्तक पृ. 169, 170
भावार्थ
मूल पाठ के बादराजाने मुनिके चरण पकड़कर कहा—हे स्वामी! सत्य ही है। ब्राह्मण और गुरुके क्रोधसे, कहिये, कौन रक्षा कर सकता है? यदि ब्रह्मा भी क्रोध करें, तो गुरु बचा लेते हैं; पर गुरुसे विरोध करनेपर जगत्में कोई भी बचानेवाला नहीं है॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 170 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 सत्य नाथ पद गहि नृप भाषा। द्विज गुर कोप कहहु को राखा।।
English explanation
Grasping his feet, the king said, “Master, that is true. Tell me, who has escaped the wrath of Brahmins and the guru?”
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सत्य | सत्य है | it is true |
| नाथ | हे स्वामी | O master |
| पद | चरण | feet |
| गहि | पकड़कर | having grasped |
| नृप | राजा | the king |
| भाषा | बोला | said |
| द्विज | ब्राह्मण | Brahmins |
| गुर | गुरु | the guru |
| कोप | क्रोध से | from wrath |
| कहहु | बताइए | tell me |
| को | कौन | who |
| राखा | बचा है | has been spared |
2 राखइ गुर जौं कोप बिधाता। गुर बिरोध नहिं कोउ जग त्राता।।
English explanation
If the Creator is angry, the guru protects; but when the guru is opposed, no one in the world can save one.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| राखइ | रक्षा करता है | protects |
| गुर | गुरु | the guru |
| जौं | यदि | if |
| कोप | क्रोधित हो | is angry |
| बिधाता | विधाता; सृष्टिकर्ता | the Creator |
| गुर | गुरु के | of the guru |
| बिरोध | विरोध होने पर | when opposed |
| नहिं | नहीं है | there is no |
| कोउ | कोई | anyone |
| जग | जगत में | in the world |
| त्राता | रक्षक | savior |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.166
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 170
- सहायक विषय
- प्रतापभानुकी कथा
- मुद्रित पृष्ठ
- 169, 170
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।