बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
सतिहि ससोच जानि बृषकेतू। कहीं कथा सुंदर सुख हेतू।।
मूल पाठ
सतिहि ससोच जानि बृषकेतू। कहीं कथा सुंदर सुख हेतू।।
बरनत पंथ बिबिध इतिहासा। बिस्वनाथ पहुँचे कैलासा।।
स्रोत अभिलेख 1.58 · पुस्तक पृ. 78, 79
भावार्थ
मूल पाठ के बादवृषकेतु शिवजीने सतीको चिन्तायुक्त जानकर उन्हें सुख देनेके लिये सुन्दर कथाएँ कहीं। इस प्रकार मार्गमें विविध प्रकारके इतिहासोंको कहते हुए विश्वनाथ कैलास जा पहुँचे॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 78 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 सतिहि ससोच जानि बृषकेतू। कहीं कथा सुंदर सुख हेतू।।
English explanation
Knowing Sati to be sorrowful, Shiva, whose banner bears a bull, told a beautiful tale to bring her comfort.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सतिहि | सती को | Sati, as the object |
| ससोच | शोक और चिंता से युक्त | sorrowful; troubled |
| जानि | जानकर | knowing |
| बृषकेतू | वृषभ-चिह्नित ध्वजा वाले शिव | Shiva, whose banner bears a bull |
| कहीं | कही; सुनाई | told; narrated |
| कथा | कथा | tale |
| सुंदर | सुंदर | beautiful |
| सुख | सुख; सांत्वना | comfort |
| हेतू | के लिए | for the sake of |
2 बरनत पंथ बिबिध इतिहासा। बिस्वनाथ पहुँचे कैलासा।।
English explanation
Narrating various accounts of the past along the way, Vishvanatha—Shiva—reached Kailasa.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बरनत | वर्णन करते हुए | while narrating |
| पंथ | मार्ग में | along the way |
| बिबिध | विविध | various |
| इतिहासा | पुराने वृत्तांत; कथाएँ | accounts of the past; traditional tales |
| बिस्वनाथ | विश्व के स्वामी शिव | Shiva, Lord of the universe |
| पहुँचे | पहुँचे | reached |
| कैलासा | कैलास पर्वत; शिव का निवास | Mount Kailasa, Shiva's abode |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.58
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 78
- सहायक विषय
- शिवजीद्वारा सतीका त्याग, शिवजीकी समाधि
- मुद्रित पृष्ठ
- 78, 79
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।