बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
संग सखीं सब सुभग सयानी। गावहिं गीत मनोहर बानी।।
मूल पाठ
संग सखीं सब सुभग सयानी। गावहिं गीत मनोहर बानी।।
सर समीप गिरिजा गृह सोहा। बरनि न जाइ देखि मनु मोहा।।
स्रोत अभिलेख 1.228 · पुस्तक पृ. 223, 224
भावार्थ
मूल पाठ के बादसाथमें सब सुन्दरी और सयानी सखियाँ हैं, जो मनोहर वाणीसे गीत गा रही हैं। सरोवरके पास गिरिजाजीका मन्दिर सुशोभित है, जिसका वर्णन नहीं किया जा सकता; देखकर मन मोहित हो जाता है॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 224 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 संग सखीं सब सुभग सयानी। गावहिं गीत मनोहर बानी।।
English explanation
All her beautiful, discerning companions were with her, singing songs in lovely voices.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| संग | साथ में | with her |
| सखीं | सखियाँ | female companions |
| सब | सभी | all |
| सुभग | सुंदर | beautiful |
| सयानी | समझदार | discerning |
| गावहिं | गाती हैं | sing |
| गीत | गीत | songs |
| मनोहर | मनोहर | lovely |
| बानी | वाणी में | in their voices |
2 सर समीप गिरिजा गृह सोहा। बरनि न जाइ देखि मनु मोहा।।
English explanation
Parvati’s temple stood resplendent near the lake; its beauty was beyond description and captivated the heart at the sight.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सर | सरोवर के | the lake |
| समीप | पास | near |
| गिरिजा | पार्वती का | Parvati’s |
| गृह | मंदिर | temple |
| सोहा | शोभायमान था | was resplendent |
| बरनि | वर्णन किया | described |
| न | नहीं | not |
| जाइ | जा सकता | can be |
| देखि | देखकर | on seeing it |
| मनु | मन | the heart |
| मोहा | मोहित हो गया | was captivated |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.228
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 224
- सहायक विषय
- पुष्पवाटिका-निरीक्षण, सीताजीका प्रथम दर्शन, श्रीसीतारामजीका परस्पर दर्शन
- मुद्रित पृष्ठ
- 223, 224
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।