बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
मज्जनु करि सर सखिन्ह समेता। गई मुदित मन गौरि निकेता।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दसखियोंसहित सरोवरमें स्नान करके सीताजी प्रसन्न मनसे गिरिजाजीके मन्दिरमें गयीं। उन्होंने बड़े प्रेमसे पूजा की और अपने योग्य सुन्दर वर माँगा॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 224 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
मज्जनु करि सर सखिन्ह समेता। गई मुदित मन गौरि निकेता।।
पूजा कीन्हि अधिक अनुरागा। निज अनुरूप सुभग बरु मागा।।
स्रोत अभिलेख 1.228 · पुस्तक पृ. 223, 224
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 मज्जनु करि सर सखिन्ह समेता। गई मुदित मन गौरि निकेता।।
English explanation
After bathing in the lake with her companions, Sita went joyfully to Gauri’s temple.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| मज्जनु | स्नान | bathing |
| करि | करके | having done |
| सर | सरोवर में | in the lake |
| सखिन्ह | सखियों के | her companions |
| समेता | साथ | together with |
| गई | गईं | went |
| मुदित | प्रसन्न | joyful |
| मन | मन से | at heart |
| गौरि | गौरी, पार्वती के | of Gauri, Parvati |
| निकेता | मंदिर में | to the temple |
2 पूजा कीन्हि अधिक अनुरागा। निज अनुरूप सुभग बरु मागा।।
English explanation
She worshipped with deep affection and asked for a handsome bridegroom suited to her.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| पूजा | पूजा | worship |
| कीन्हि | की | performed |
| अधिक | बहुत | deep |
| अनुरागा | प्रेम से | with affection |
| निज | अपने | herself |
| अनुरूप | अनुकूल | suited to |
| सुभग | सुंदर | handsome |
| बरु | वर, भावी पति | bridegroom, future husband |
| मागा | माँगा | asked for |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.228
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 224
- सहायक विषय
- पुष्पवाटिका-निरीक्षण, सीताजीका प्रथम दर्शन, श्रीसीतारामजीका परस्पर दर्शन
- मुद्रित पृष्ठ
- 223, 224
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।