बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
एक सखी सिय संगु बिहाई। गई रही देखन फुलवाई।।
मूल पाठ
एक सखी सिय संगु बिहाई। गई रही देखन फुलवाई।।
तेहि दोउ बंधु बिलोके जाई। प्रेम बिबस सीता पहिं आई।।
स्रोत अभिलेख 1.228 · पुस्तक पृ. 223, 224
भावार्थ
मूल पाठ के बादएक सखी सीताजीका साथ छोड़कर फुलवाड़ी देखने चली गयी थी। उसने जाकर दोनों भाइयोंको देखा और प्रेममें विह्वल होकर वह सीताजीके पास आयी॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 224 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 एक सखी सिय संगु बिहाई। गई रही देखन फुलवाई।।
English explanation
One companion had left Sita’s company and gone to see the flower garden.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| एक | एक | one |
| सखी | सखी | female companion |
| सिय | सीता का | Sita’s |
| संगु | साथ | company |
| बिहाई | छोड़कर | having left |
| गई | गई | gone |
| रही | हुई थी | had been |
| देखन | देखने | to see |
| फुलवाई | फूलों की वाटिका | the flower garden |
2 तेहि दोउ बंधु बिलोके जाई। प्रेम बिबस सीता पहिं आई।।
English explanation
Having gone there, that companion saw the two brothers and returned to Sita, overwhelmed with love.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| तेहि | उस सखी ने | that companion |
| दोउ | दोनों | both |
| बंधु | भाइयों, राम और लक्ष्मण को | brothers, Rama and Lakshmana |
| बिलोके | देखा | saw |
| जाई | जाकर | having gone there |
| प्रेम | प्रेम से | with love |
| बिबस | अभिभूत | overwhelmed |
| सीता | सीता के | Sita |
| पहिं | पास | to |
| आई | आई | came |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.228
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 224
- सहायक विषय
- पुष्पवाटिका-निरीक्षण, सीताजीका प्रथम दर्शन, श्रीसीतारामजीका परस्पर दर्शन
- मुद्रित पृष्ठ
- 223, 224
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।