बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
लगन बाचि अज सबहि सुनाई। हरषे मुनि सब सुर समुदाई।।
मूल पाठ
लगन बाचि अज सबहि सुनाई। हरषे मुनि सब सुर समुदाई।।
सुमन बृष्टि नभ बाजन बाजे। मंगल कलस दसहुँ दिसि साजे।।
स्रोत अभिलेख 1.91 · पुस्तक पृ. 105, 106
भावार्थ
मूल पाठ के बादब्रह्माजीने लग्र पढ़कर सबको सुनाया, उसे सुनकर सब मुनि और देवताओंका सारा समाज हॢषत हो गया। आकाशसे फूलोंकी वर्षा होने लगी, बाजे बजने लगे और दसों दिशाओंमें मङ्गल- कलश सजा दिये गये॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 105 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 लगन बाचि अज सबहि सुनाई। हरषे मुनि सब सुर समुदाई।।
English explanation
Brahma read the wedding announcement aloud to everyone. The sages and the entire assembly of gods rejoiced.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| लगन | विवाह-मुहूर्त की पत्रिका | the wedding-time announcement |
| बाचि | पढ़कर | having read |
| अज | अजन्मा ब्रह्मा ने | Brahma, the unborn one |
| सबहि | सबको | to everyone |
| सुनाई | सुनाई | read aloud; related |
| हरषे | हर्षित हुए | rejoiced |
| मुनि | मुनि | sages |
| सब | समस्त | all; entire |
| सुर | देवताओं का | of the gods |
| समुदाई | समुदाय | assembly; gathering |
2 सुमन बृष्टि नभ बाजन बाजे। मंगल कलस दसहुँ दिसि साजे।।
English explanation
Flowers rained down, instruments sounded in the sky, and auspicious ceremonial pots were arranged in all ten directions.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सुमन | फूलों की | of flowers |
| बृष्टि | वर्षा | shower; rain |
| नभ | आकाश में | in the sky |
| बाजन | वाद्य | musical instruments |
| बाजे | बजे | sounded; were played |
| मंगल | मंगलसूचक | auspicious; ceremonial |
| कलस | कलश | ceremonial pots |
| दसहुँ | दसों | all ten |
| दिसि | दिशाओं में | in the directions |
| साजे | सजाए गए | were arranged; were adorned |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.91
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 105
- सहायक विषय
- देवताओंका शिवजीसे ब्याहके लिये प्रार्थना करना, सप्तर्षियोंका पार्वतीके पास जाना
- मुद्रित पृष्ठ
- 105, 106
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।