बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
पत्री सप्तरिषिन्ह सोइ दीन्ही। गहि पद बिनय हिमाचल कीन्ही।।
मूल पाठ
पत्री सप्तरिषिन्ह सोइ दीन्ही। गहि पद बिनय हिमाचल कीन्ही।।
जाइ बिधिहि दीन्हि सो पाती। बाचत प्रीति न हृदयँ समाती।।
स्रोत अभिलेख 1.91 · पुस्तक पृ. 105, 106
भावार्थ
मूल पाठ के बादफिर हिमाचलने वह लग्रपत्रिका सप्तॢषयोंको दे दी और चरण पकड़कर उनकी विनती की। उन्होंने जाकर वह लग्रपत्रिका ब्रह्माजीको दी। उसको पढ़ते समय उनके हृदयमें प्रेम समाता न था॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 105 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 पत्री सप्तरिषिन्ह सोइ दीन्ही। गहि पद बिनय हिमाचल कीन्ही।।
English explanation
Himachal gave that wedding letter to the seven sages and, clasping their feet, made a humble entreaty.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| पत्री | विवाह-मुहूर्त की पत्रिका | letter recording the wedding time |
| सप्तरिषिन्ह | सप्तर्षियों को | to the seven sages |
| सोइ | वही | that very |
| दीन्ही | दी | gave |
| गहि | पकड़कर | having clasped |
| पद | चरण | feet |
| बिनय | विनम्र प्रार्थना | humble entreaty |
| हिमाचल | पर्वतराज हिमवान ने | Himavan, king of mountains |
| कीन्ही | की | made; offered |
2 जाइ बिधिहि दीन्हि सो पाती। बाचत प्रीति न हृदयँ समाती।।
English explanation
The seven sages went and gave that letter to Brahma. As he read it, his affection overflowed his heart.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जाइ | जाकर | having gone |
| बिधिहि | ब्रह्मा को | to Brahma, the creator |
| दीन्हि | दी | gave |
| सो | वह | that |
| पाती | पत्र | letter |
| बाचत | पढ़ते समय | while reading |
| प्रीति | प्रेम; स्नेह | love; affection |
| न | नहीं | not |
| हृदयँ | हृदय में | within the heart |
| समाती | समाती थी | could be contained |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.91
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 105
- सहायक विषय
- देवताओंका शिवजीसे ब्याहके लिये प्रार्थना करना, सप्तर्षियोंका पार्वतीके पास जाना
- मुद्रित पृष्ठ
- 105, 106
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।