बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
हृदयँ बिचारि संभु प्रभुताई। सादर मुनिबर लिए बोलाई।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दशिवजीके प्रभावको मनमें विचारकर हिमाचलने श्रेष्ठ मुनियोंको आदरपूर्वक बुला लिया और उनसे शुभ दिन, शुभ नक्षत्र और शुभ घड़ी शोधवाकर वेदकी विधिके अनुसार शीघ्र ही लग्र निश्चय कराकर लिखवा लिया॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 105 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
हृदयँ बिचारि संभु प्रभुताई। सादर मुनिबर लिए बोलाई।।
सुदिनु सुनखतु सुघरी सोचाई। बेगि बेदबिधि लगन धराई।।
स्रोत अभिलेख 1.91 · पुस्तक पृ. 105, 106
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 हृदयँ बिचारि संभु प्रभुताई। सादर मुनिबर लिए बोलाई।।
English explanation
Reflecting inwardly on Shiva’s greatness, Himavan respectfully summoned the eminent sages.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| हृदयँ | हृदय में | in the heart |
| बिचारि | विचार करके | having reflected on |
| संभु | शिव की | of Shiva |
| प्रभुताई | प्रभुता; महान सामर्थ्य | sovereign greatness; power |
| सादर | आदरपूर्वक | respectfully |
| मुनिबर | श्रेष्ठ मुनियों को | the eminent sages |
| लिए | ले लिया; कर लिया | completed the act of |
| बोलाई | बुलाकर | calling; summoning |
2 सुदिनु सुनखतु सुघरी सोचाई। बेगि बेदबिधि लगन धराई।।
English explanation
Having an auspicious day, constellation, and hour considered, he promptly had the wedding time fixed according to Vedic procedure.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सुदिनु | शुभ दिन | an auspicious day |
| सुनखतु | शुभ नक्षत्र | an auspicious lunar constellation |
| सुघरी | शुभ घड़ी | an auspicious hour |
| सोचाई | विचार करवाया | had considered; had examined |
| बेगि | शीघ्र | quickly; promptly |
| बेदबिधि | वैदिक विधि से | according to Vedic procedure |
| लगन | विवाह का मुहूर्त | the auspicious wedding time |
| धराई | निश्चित करवाया | had fixed; had determined |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.91
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 105
- सहायक विषय
- देवताओंका शिवजीसे ब्याहके लिये प्रार्थना करना, सप्तर्षियोंका पार्वतीके पास जाना
- मुद्रित पृष्ठ
- 105, 106
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।