बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
सबु प्रसंगु गिरिपतिहि सुनावा। मदन दहन सुनि अति दुखु पावा।।
मूल पाठ
सबु प्रसंगु गिरिपतिहि सुनावा। मदन दहन सुनि अति दुखु पावा।।
बहुरि कहेउ रति कर बरदाना। सुनि हिमवंत बहुत सुखु माना।।
स्रोत अभिलेख 1.91 · पुस्तक पृ. 105, 106
भावार्थ
मूल पाठ के बादउन्होंने पर्वतराज हिमाचलको सब हाल सुनाया। कामदेवका भस्म होना सुनकर हिमाचल बहुत दुखी हुए। फिर मुनियोंने रतिके वरदानकी बात कही, उसे सुनकर हिमवान्ने बहुत सुख माना॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 105 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 सबु प्रसंगु गिरिपतिहि सुनावा। मदन दहन सुनि अति दुखु पावा।।
English explanation
AI draft: The whole episode was related to Himavan, king of mountains. Hearing of the burning of the god of love, he felt deep sorrow.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सबु | सारा | the whole |
| प्रसंगु | प्रसंग; घटनाक्रम | episode; course of events |
| गिरिपतिहि | पर्वतराज हिमवान को | to Himavan, king of mountains |
| सुनावा | सुनाया | related; told |
| मदन | कामदेव | the god of love |
| दहन | जलाया जाना | burning; being burnt |
| सुनि | सुनकर | having heard |
| अति | अत्यंत | very; exceedingly |
| दुखु | दुख | sorrow |
| पावा | अनुभव किया | experienced; felt |
2 बहुरि कहेउ रति कर बरदाना। सुनि हिमवंत बहुत सुखु माना।।
English explanation
Then the boon granted to Rati was described. Hearing it, Himavan felt great joy.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बहुरि | फिर | then; again |
| कहेउ | कहा; बताया | said; related |
| रति | कामदेव की पत्नी रति | Rati, wife of the god of love |
| कर | का; के संबंध में | of; concerning |
| बरदाना | दिया गया वरदान | the boon granted |
| सुनि | सुनकर | having heard |
| हिमवंत | पर्वतराज हिमवान | Himavan, king of mountains |
| बहुत | बहुत | great; much |
| सुखु | सुख; आनंद | joy; happiness |
| माना | अनुभव किया | felt; experienced |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.91
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 105
- सहायक विषय
- देवताओंका शिवजीसे ब्याहके लिये प्रार्थना करना, सप्तर्षियोंका पार्वतीके पास जाना
- मुद्रित पृष्ठ
- 105, 106
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।