बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
रावन बान छुआ नहिं चापा। हारे सकल भूप करि दापा।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दरावण और बाणासुरने जिस धनुषको छुआतक नहीं और सब राजा घमंड करके हार गये, वही धनुष इस सुकुमार राजकुमारके हाथमें दे रहे हैं। हंसके बच्चे भी कहीं मन्दराचल पहाड़ उठा सकते हैं?॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 248 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
रावन बान छुआ नहिं चापा। हारे सकल भूप करि दापा।।
सो धनु राजकुअँर कर देहीं। बाल मराल कि मंदर लेहीं।।
स्रोत अभिलेख 1.256 · पुस्तक पृ. 248, 249
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 रावन बान छुआ नहिं चापा। हारे सकल भूप करि दापा।।
English explanation
Ravana and Banasura did not even touch the bow; all the kings failed after boasting of their strength.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| रावन | रावण, लंका का राजा | Ravana, king of Lanka |
| बान | बाणासुर | Banasura, the demon king |
| छुआ | छुआ | touched |
| नहिं | नहीं | not |
| चापा | धनुष | the bow |
| हारे | हार गए; असफल हुए | failed; were defeated |
| सकल | सभी | all |
| भूप | राजा | kings |
| करि | करके | having displayed |
| दापा | बल का घमंड | pride in their strength |
2 सो धनु राजकुअँर कर देहीं। बाल मराल कि मंदर लेहीं।।
English explanation
They are placing that very bow in the prince's hands! Can a young swan lift Mount Mandara?
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सो | वही | that very |
| धनु | धनुष | bow |
| राजकुअँर | राजकुमार राम के | of Prince Rama |
| कर | हाथ में | in the hands |
| देहीं | दे रहे हैं | are placing |
| बाल | बच्चा; छोटा | young; a baby |
| मराल | हंस | swan |
| कि | क्या | can; whether |
| मंदर | मंदर पर्वत | Mount Mandara |
| लेहीं | उठा सकता है | can lift |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.256
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 248
- सहायक विषय
- श्रीलक्ष्मणजीका क्रोध
- मुद्रित पृष्ठ
- 248, 249
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।