बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
राम सीय सुंदर प्रतिछाहीं। जगमगात मनि खंभन माहीं ।
मूल पाठ
राम सीय सुंदर प्रतिछाहीं। जगमगात मनि खंभन माहीं ।
मनहुँ मदन रति धरि बहु रूपा। देखत राम बिआहु अनूपा।।
स्रोत अभिलेख 1.325 · पुस्तक पृ. 307, 308
भावार्थ
मूल पाठ के बादश्रीरामजी और श्रीसीताजीकी सुन्दर परछाहीं मणियोंके खम्भोंमें जगमगा रही हैं, मानो कामदेव और रति बहुत-से रूप धारण करके श्रीरामजीके अनुपम विवाहको देख रहे हैं॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 307 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 राम सीय सुंदर प्रतिछाहीं। जगमगात मनि खंभन माहीं ।
English explanation
The beautiful reflections of Rama and Sita shimmer in the jeweled pillars.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| राम | राम की | of Rama |
| सीय | सीता की | of Sita |
| सुंदर | सुंदर | beautiful |
| प्रतिछाहीं | परछाइयाँ; प्रतिबिंब | reflections |
| जगमगात | जगमगा रही हैं | are shimmering |
| मनि | मणियों के; मणिमय | jeweled |
| खंभन | खंभों | pillars |
| माहीं | में | in |
2 मनहुँ मदन रति धरि बहु रूपा। देखत राम बिआहु अनूपा।।
English explanation
It is as though the love-god and Rati have assumed many forms to watch Rama’s incomparable wedding.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| मनहुँ | मानो | as though |
| मदन | कामदेव | the god of love |
| रति | कामदेव की पत्नी रति | Rati, the love-god’s wife |
| धरि | धारण करके | having assumed |
| बहु | अनेक | many |
| रूपा | रूप | forms |
| देखत | देख रहे हैं | are watching |
| राम | राम का | Rama’s |
| बिआहु | विवाह | wedding |
| अनूपा | अनुपम | incomparable |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.325
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 307
- सहायक विषय
- श्रीसीता-राम-विवाह
- मुद्रित पृष्ठ
- 307, 308
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।