बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
कुअँरु कुअँरि कल भावँरि देहीं।।नयन लाभु सब सादर लेहीं।।
मूल पाठ
कुअँरु कुअँरि कल भावँरि देहीं।।नयन लाभु सब सादर लेहीं।।
जाइ न बरनि मनोहर जोरी। जो उपमा कछु कहौं सो थोरी।।
स्रोत अभिलेख 1.325 · पुस्तक पृ. 307, 308
भावार्थ
मूल पाठ के बादवर और कन्या सुन्दर भाँवरें दे रहे हैं। सब लोग आदरपूर्वक [उन्हें देखकर] नेत्रोंका परम लाभ ले रहे हैं। मनोहर जोड़ीका वर्णन नहीं हो सकता, जो कुछ उपमा कहूँ वही थोड़ी होगी॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 307 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 कुअँरु कुअँरि कल भावँरि देहीं।।नयन लाभु सब सादर लेहीं।।
English explanation
AI draft: The groom Rama and bride Sita take lovely wedding rounds; everyone respectfully enjoys the reward of beholding them.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कुअँरु | वर राम | the groom, Rama |
| कुअँरि | वधू सीता | the bride, Sita |
| कल | सुंदर | lovely |
| भावँरि | विवाह के फेरे | wedding rounds |
| देहीं | ले रहे हैं | are taking |
| नयन | नेत्रों का | of the eyes |
| लाभु | लाभ; देखने का सुख | reward; joy of seeing |
| सब | सब लोग | everyone |
| सादर | आदरपूर्वक | respectfully |
| लेहीं | प्राप्त करते हैं | receive |
2 जाइ न बरनि मनोहर जोरी। जो उपमा कछु कहौं सो थोरी।।
English explanation
This enchanting couple cannot be adequately described. Whatever comparison I offer will fall short.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जाइ | किया जा सकता | can be done |
| न | नहीं | not |
| बरनि | वर्णन | described |
| मनोहर | मन को मोहने वाली | enchanting |
| जोरी | जोड़ी | couple |
| जो | जो भी | whatever |
| उपमा | तुलना | comparison |
| कछु | कुछ भी | any |
| कहौं | मैं कहूँ | I may offer |
| सो | वह | that |
| थोरी | अपर्याप्त | insufficient |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.325
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 307
- सहायक विषय
- श्रीसीता-राम-विवाह
- मुद्रित पृष्ठ
- 307, 308
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।