बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
राम कहा मुनि कहहु बिचारी। रिस अति बड़ि लघु चूक हमारी।।
मूल पाठ
राम कहा मुनि कहहु बिचारी। रिस अति बड़ि लघु चूक हमारी।।
छुअतहिं टूट पिनाक पुराना। मैं कहि हेतु करौं अभिमाना।।
स्रोत अभिलेख 1.283 · पुस्तक पृ. 270, 270
भावार्थ
मूल पाठ के बादश्रीरामचन्द्रजीने कहा—हे मुनि! विचारकर बोलिये। आपका क्रोध बहुत बड़ा है। और मेरी भूल बहुत छोटी है। पुराना धनुष था, छूते ही टूट गया। मैं किस कारण अभिमान करूँ?॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 270 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 राम कहा मुनि कहहु बिचारी। रिस अति बड़ि लघु चूक हमारी।।
English explanation
Rama said: Sage, speak after considering this: your anger is very great, while our fault is small.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| राम | श्रीराम | Rama, the prince |
| कहा | ने कहा | said |
| मुनि | हे मुनिवर परशुराम | O sage Parashurama |
| कहहु | कहिए | please speak |
| बिचारी | विचार करके | after considering |
| रिस | क्रोध | anger |
| अति | बहुत | very |
| बड़ि | बड़ा | great |
| लघु | छोटी | small |
| चूक | भूल | fault |
| हमारी | हमारी | our |
2 छुअतहिं टूट पिनाक पुराना। मैं कहि हेतु करौं अभिमाना।।
English explanation
The old bow of Shiva broke as soon as it was touched; what reason have I to be proud?
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| छुअतहिं | छूते ही | as soon as touched |
| टूट | टूट गया | broke |
| पिनाक | शिव का धनुष | Shiva’s bow |
| पुराना | पुराना | old |
| मैं | मैं | I |
| कहि | किस | what |
| हेतु | कारण से | for reason |
| करौं | करूँ | should do |
| अभिमाना | अभिमान | boasting; pride |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.283
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 270
- सहायक विषय
- श्रीराम-लक्ष्मण और परशुराम-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 270, 270
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।