बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
रामु लखनु दसरथ के ढोटा। दीन्हि असीस देखि भल जोटा।।
मूल पाठ
रामु लखनु दसरथ के ढोटा। दीन्हि असीस देखि भल जोटा।।
रामहि चितइ रहे थकि लोचन। रूप अपार मार मद मोचन।।
स्रोत अभिलेख 1.269 · पुस्तक पृ. 258, 259
भावार्थ
मूल पाठ के बाद[विश्वामित्रजीने कहा—] ये राम और लक्ष्मण राजा दशरथके पुत्र हैं। उनकी सुन्दर जोड़ी देखकर परशुरामजीने आशीर्वाद दिया। कामदेवके भी मदको छुड़ानेवाले श्रीरामचन्द्रजीके अपार रूपको देखकर उनके नेत्र थकित (स्तम्भित) हो रहे॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 259 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 रामु लखनु दसरथ के ढोटा। दीन्हि असीस देखि भल जोटा।।
English explanation
Vishvamitra introduced Rama and Lakshmana as Dasharatha’s sons; seeing the fine pair, Parashurama blessed them.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| रामु | राम | Rama |
| लखनु | लक्ष्मण | Lakshmana, Rama’s brother |
| दसरथ | राजा दशरथ | King Dasharatha |
| के | के | of |
| ढोटा | पुत्र | sons |
| दीन्हि | दिया | gave |
| असीस | आशीर्वाद | a blessing |
| देखि | देखकर | on seeing |
| भल | सुंदर; अच्छी | fine; handsome |
| जोटा | जोड़ी | pair |
2 रामहि चितइ रहे थकि लोचन। रूप अपार मार मद मोचन।।
English explanation
Parashurama’s eyes remained transfixed on Rama, whose boundless beauty dispelled even the god of love’s pride.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| रामहि | राम को | at Rama |
| चितइ | देखते हुए | gazing |
| रहे | रह गए | remained |
| थकि | ठिठककर; स्तब्ध होकर | transfixed |
| लोचन | नेत्र | eyes |
| रूप | सौंदर्य | beauty |
| अपार | असीम | boundless |
| मार | कामदेव का | of the god of love |
| मद | गर्व | pride |
| मोचन | मिटाने वाला | dispelling |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.269
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 259
- सहायक विषय
- जयमाल पहनाना
- मुद्रित पृष्ठ
- 258, 259
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