बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
रथ सारथिन्ह बिचित्र बनाए। ध्वज पताक मनि भूषन लाए।।
मूल पाठ
रथ सारथिन्ह बिचित्र बनाए। ध्वज पताक मनि भूषन लाए।।
चवँर चारु किंकिन धुनि करही। भानु जान सोभा अपहरहीं।।
स्रोत अभिलेख 1.299 · पुस्तक पृ. 282, 283
भावार्थ
मूल पाठ के बादसारथियोंने ध्वजा, पताका, मणि और आभूषणोंको लगाकर रथोंको बहुत विलक्षण बना दिया है। उनमें सुन्दर चँवर लगे हैं और घंटियाँ सुन्दर शब्द कर रही हैं। वे रथ इतने सुन्दर हैं मानो सूर्यके रथकी शोभाको छीने लेते हैं॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 282 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 रथ सारथिन्ह बिचित्र बनाए। ध्वज पताक मनि भूषन लाए।।
English explanation
The charioteers decorated the chariots splendidly, fitting them with standards, banners, gems, and ornaments.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| रथ | रथों को | the chariots |
| सारथिन्ह | सारथियों ने | the charioteers |
| बिचित्र | अद्भुत; विविध सजावट वाले | splendid; elaborately decorated |
| बनाए | बनाए; सजाए | prepared; decorated |
| ध्वज | ध्वज | standards |
| पताक | पताकाएँ | banners |
| मनि | मणियाँ | gems |
| भूषन | आभूषण | ornaments |
| लाए | लगाए | attached |
2 चवँर चारु किंकिन धुनि करही। भानु जान सोभा अपहरहीं।।
English explanation
Beautiful fly-whisks adorn them and little bells ring; the chariots surpass even the splendor of the sun's chariot.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| चवँर | चँवर | ceremonial fly-whisks |
| चारु | सुंदर | beautiful |
| किंकिन | छोटी घंटियाँ | little bells |
| धुनि | ध्वनि | sound |
| करही | करती हैं; बजती हैं | produce; ring |
| भानु | सूर्य के | of the sun |
| जान | रथ की | of the chariot |
| सोभा | शोभा | splendor |
| अपहरहीं | हर लेते हैं; मात देते हैं | outshine; eclipse |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.299
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 282
- सहायक विषय
- दशरथजीके पास जनकजीका दूत भेजना, अयोध्यासे बारातका प्रस्थान
- मुद्रित पृष्ठ
- 282, 283
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।