बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
सावँकरन अगनित हय होते। ते तिन्ह रथन्ह सारथिन्ह जोते।।
मूल पाठ
सावँकरन अगनित हय होते। ते तिन्ह रथन्ह सारथिन्ह जोते।।
सुंदर सकल अलंकृत सोहे। जिन्हहि बिलोकत मुनि मन मोहे।।
स्रोत अभिलेख 1.299 · पुस्तक पृ. 282, 283
भावार्थ
मूल पाठ के बादअगणित श्यामकर्ण घोड़े थे। उनको सारथियोंने उन रथोंमें जोत दिया है, जो सभी देखनेमें सुन्दर और गहनोंसे सजाये हुए सुशोभित हैं, और जिन्हें देखकर मुनियोंके मन भी मोहित हो जाते हैं॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 283 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 सावँकरन अगनित हय होते। ते तिन्ह रथन्ह सारथिन्ह जोते।।
English explanation
There were countless dark-eared horses; the charioteers harnessed them to those chariots.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सावँकरन | श्याम कानों वाले | dark-eared |
| अगनित | असंख्य | countless |
| हय | घोड़े | horses |
| होते | थे; उपलब्ध थे | were; were available |
| ते | उन घोड़ों को | those horses |
| तिन्ह | उन | those |
| रथन्ह | रथों में | to the chariots |
| सारथिन्ह | सारथियों ने | the charioteers |
| जोते | जोता; जुताया | harnessed |
2 सुंदर सकल अलंकृत सोहे। जिन्हहि बिलोकत मुनि मन मोहे।।
English explanation
All the beautiful horses shone with adornments; seeing them enchanted even the minds of sages.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सुंदर | सुंदर | beautiful |
| सकल | सभी | all |
| अलंकृत | सजे हुए | adorned |
| सोहे | शोभित हुए | looked splendid |
| जिन्हहि | जिन्हें; उन घोड़ों को | whom; those horses |
| बिलोकत | देखते ही | on seeing |
| मुनि | मुनियों के | of sages |
| मन | मन | minds |
| मोहे | मोहित हुए | were enchanted |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.299
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 283
- सहायक विषय
- दशरथजीके पास जनकजीका दूत भेजना, अयोध्यासे बारातका प्रस्थान
- मुद्रित पृष्ठ
- 282, 283
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।