बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
जे जल चलहिं थलहि की नाई। टाप न बूड़ बेग अधिकाई।।
मूल पाठ
जे जल चलहिं थलहि की नाई। टाप न बूड़ बेग अधिकाई।।
अस्त्र सस्त्र सबु साजु बनाई। रथी सारथिन्ह लिए बोलाई।।
स्रोत अभिलेख 1.299 · पुस्तक पृ. 282, 283
भावार्थ
मूल पाठ के बादजो जलपर भी जमीनकी तरह ही चलते हैं। वेगकी अधिकतासे उनकी टाप पानीमें नहीं डूबती। अस्त्र-शस्त्र और सब साज सजाकर सारथियोंने रथियोंको बुला लिया॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 283 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 जे जल चलहिं थलहि की नाई। टाप न बूड़ बेग अधिकाई।।
English explanation
Those horses moved over water as over land; owing to their extraordinary speed, their hooves did not sink.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जे | जो घोड़े | which horses |
| जल | जल पर | over water |
| चलहिं | चलते हैं | move |
| थलहि | भूमि पर चलने | moving over land |
| की | के | of |
| नाई | समान; तरह | like; in the manner |
| टाप | खुर | hooves |
| न | नहीं | not |
| बूड़ | डूबते | sink |
| बेग | वेग की | of speed |
| अधिकाई | अधिकता के कारण | because of its exceptional degree |
2 अस्त्र सस्त्र सबु साजु बनाई। रथी सारथिन्ह लिए बोलाई।।
English explanation
After preparing the weapons and all the equipment, the charioteers summoned the chariot warriors.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| अस्त्र | फेंककर या छोड़कर चलाए जाने वाले हथियार | projectile weapons |
| सस्त्र | हाथ से चलाए जाने वाले हथियार | handheld weapons |
| सबु | सारा | all |
| साजु | साज-सामान | equipment |
| बनाई | तैयार करके | having prepared |
| रथी | रथ पर सवार योद्धाओं को | the chariot warriors |
| सारथिन्ह | सारथियों ने | the charioteers |
| लिए | ले लिया; कर लिया | completed the act |
| बोलाई | बुला | summoned |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.299
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 283
- सहायक विषय
- दशरथजीके पास जनकजीका दूत भेजना, अयोध्यासे बारातका प्रस्थान
- मुद्रित पृष्ठ
- 282, 283
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।