बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
मोर कहा सुनि करहु उपाई। होइहि ईस्वर करिहि सहाई।।
मूल पाठ
मोर कहा सुनि करहु उपाई। होइहि ईस्वर करिहि सहाई।।
सतीं जो तजी दच्छ मख देहा। जनमी जाइ हिमाचल गेहा।।
स्रोत अभिलेख 1.83 · पुस्तक पृ. 97, 98
भावार्थ
मूल पाठ के बादमेरी बात सुनकर उपाय करो। ईश्वर सहायता करेंगे और काम हो जायगा। सतीजीने जो दक्षके यज्ञमें देहका त्याग किया था, उन्होंने अब हिमाचलके घर जाकर जन्म लिया है॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 97 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 मोर कहा सुनि करहु उपाई। होइहि ईस्वर करिहि सहाई।।
English explanation
Listen to my words and take action. It will succeed; God will help.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| मोर | मेरा | my |
| कहा | कहा हुआ; कथन | words; what I have said |
| सुनि | सुनकर | having heard |
| करहु | करो | do; undertake |
| उपाई | उपाय | a means; a course of action |
| होइहि | होगा; सफल होगा | will happen; will succeed |
| ईस्वर | ईश्वर | God |
| करिहि | करेंगे | will provide |
| सहाई | सहायता | help |
2 सतीं जो तजी दच्छ मख देहा। जनमी जाइ हिमाचल गेहा।।
English explanation
Sati, who had abandoned her body at Daksha’s sacrifice, was born in Himachal’s household.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सतीं | सती ने; शिव की पूर्व पत्नी ने | Sati, Shiva’s former wife |
| जो | जिन्होंने | who |
| तजी | त्यागी | abandoned |
| दच्छ | दक्ष के | of Daksha |
| मख | यज्ञ में | at the sacrifice |
| देहा | देह | her body |
| जनमी | जन्मीं | was born |
| जाइ | जाकर | having gone |
| हिमाचल | हिमाचल के; पर्वतराज हिमवान के | of Himachal, the mountain king |
| गेहा | घर में | in the household |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.83
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 97
- सहायक विषय
- सप्तर्षियोंकी परीक्षामें पार्वतीजीका महत्त्व
- मुद्रित पृष्ठ
- 97, 98
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।