बालकाण्ड · दोहा 82 · दोहा/सोरठा
सब सन कहा बुझाइ बिधि दनुज निधन तब होइ।
सब सन कहा बुझाइ बिधि दनुज निधन तब होइ।
संभु सुक्र संभूत सुत एहि जीतइ रन सोइ।।82।।
मूल पाठ · स्रोत अभिलेख 1.82 · पुस्तक पृ. 97, 97
भावार्थ और शब्दार्थ
AI प्रारूपशब्दार्थ और भावार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। इन्हें अंतिम व्याख्या न मानें।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1सब सन कहा बुझाइ बिधि दनुज निधन तब होइ।
ब्रह्मा ने सबको समझाकर कहा, ‘उस दैत्य की मृत्यु तभी होगी…’
English explanation
Brahma explained to them all, ‘The demon’s death will occur only then…’
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सब | सबको | to all |
| सन | से | to |
| कहा | कहा | said |
| बुझाइ | समझाकर | explaining |
| बिधि | ब्रह्मा ने | Brahma |
| दनुज | दैत्य का | of the demon |
| निधन | मृत्यु; अंत | death; demise |
| तब | तभी | only then |
| होइ | होगी | will occur |
2 संभु सुक्र संभूत सुत एहि जीतइ रन सोइ।।82।।
‘जब शिव के वीर्य से उत्पन्न पुत्र होगा; वही इसे युद्ध में जीतेगा।’
English explanation
‘When a son is born of Shiva’s seed; he alone will defeat this demon in battle.’
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| संभु | शिव के | of Shiva |
| सुक्र | वीर्य से | from the seed; semen |
| संभूत | उत्पन्न | born; generated |
| सुत | पुत्र | a son |
| एहि | इसे; तारक को | this one; Taraka |
| जीतइ | जीतेगा; पराजित करेगा | will defeat |
| रन | युद्ध में | in battle |
| सोइ | वही | he alone |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- दोहा/सोरठा 82
- स्रोत अभिलेख
- 1.82
- सहायक विषय
- सप्तर्षियोंकी परीक्षामें पार्वतीजीका महत्त्व
- मुद्रित पृष्ठ
- 97, 97
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।