बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
तेहिं तपु कीन्ह संभु पति लागी। सिव समाधि बैठे सबु त्यागी।।
मूल पाठ
तेहिं तपु कीन्ह संभु पति लागी। सिव समाधि बैठे सबु त्यागी।।
जदपि अहइ असमंजस भारी। तदपि बात एक सुनहु हमारी।।
स्रोत अभिलेख 1.83 · पुस्तक पृ. 97, 98
भावार्थ
मूल पाठ के बादउन्होंने शिवजीको पति बनानेके लिये तप किया है, इधर शिवजी सब छोड़-छाड़कर समाधि लगा बैठे हैं। यद्यपि है तो बड़े असमंजसकी बात; तथापि मेरी एक बात सुनो॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 97 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 तेहिं तपु कीन्ह संभु पति लागी। सिव समाधि बैठे सबु त्यागी।।
English explanation
She performed austerities to obtain Shiva as her husband; Shiva sits in meditative absorption, having renounced everything.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| तेहिं | उन्होंने; पार्वती ने | she, Parvati |
| तपु | तपस्या | austerities |
| कीन्ह | की | performed |
| संभु | शंभु; शिव को | Shambhu, Shiva |
| पति | पति के रूप में | as her husband |
| लागी | पाने के लिए | in order to obtain |
| सिव | शिव | Shiva |
| समाधि | समाधि में | in meditative absorption |
| बैठे | बैठे हैं | is seated |
| सबु | सब कुछ | everything |
| त्यागी | त्यागकर | having renounced |
2 जदपि अहइ असमंजस भारी। तदपि बात एक सुनहु हमारी।।
English explanation
Although this is a grave difficulty, nevertheless listen to one suggestion of ours.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जदपि | यद्यपि | although |
| अहइ | है | there is |
| असमंजस | उलझन; कठिन परिस्थिति | a dilemma; a difficult situation |
| भारी | बड़ी; गंभीर | great; grave |
| तदपि | तथापि; फिर भी | nevertheless |
| बात | बात; सुझाव | a suggestion |
| एक | एक | one |
| सुनहु | सुनो | listen to |
| हमारी | हमारी | ours |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.83
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 97
- सहायक विषय
- सप्तर्षियोंकी परीक्षामें पार्वतीजीका महत्त्व
- मुद्रित पृष्ठ
- 97, 98
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।