बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
मै बन दीखि राम प्रभुताई। अति भय बिकल न तुम्हहि सुनाई।।
मूल पाठ
मै बन दीखि राम प्रभुताई। अति भय बिकल न तुम्हहि सुनाई।।
तदपि मलिन मन बोधु न आवा। सो फलु भली भाँति हम पावा।।
स्रोत अभिलेख 1.109 · पुस्तक पृ. 122, 123
भावार्थ
मूल पाठ के बादमैंने [पिछले जन्ममें] वनमें श्रीरामचन्द्रजीकी प्रभुता देखी थी, परन्तु अत्यन्त भयभीत होनेके कारण मैंने वह बात आपको सुनायी नहीं। तो भी मेरे मलिन मनको बोध न हुआ। उसका फल भी मैंने अच्छी तरह पा लिया॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 122 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 मै बन दीखि राम प्रभुताई। अति भय बिकल न तुम्हहि सुनाई।।
English explanation
I saw Rama’s divine majesty in the forest, but, overwhelmed by great fear, I did not tell you about it.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| मै | मैंने | I |
| बन | वन में | in the forest |
| दीखि | देखी | saw |
| राम | भगवान राम की | of Lord Rama |
| प्रभुताई | प्रभुता; दिव्य सामर्थ्य | divine majesty and power |
| अति | अत्यंत | extreme |
| भय | भय से | with fear |
| बिकल | व्याकुल | overwhelmed |
| न | नहीं | not |
| तुम्हहि | आपको | to you |
| सुनाई | बताई | told |
2 तदपि मलिन मन बोधु न आवा। सो फलु भली भाँति हम पावा।।
English explanation
Even then, understanding did not dawn in my clouded mind; I fully experienced the consequence of that.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| तदपि | फिर भी | even so |
| मलिन | मलिन; दोषग्रस्त | clouded; impure |
| मन | मन में | in the mind |
| बोधु | समझ; यथार्थ ज्ञान | understanding |
| न | नहीं | not |
| आवा | आया | came |
| सो | उसका | of that |
| फलु | फल; परिणाम | consequence |
| भली | अच्छी | full |
| भाँति | तरह से | manner |
| हम | मैंने | I |
| पावा | पाया; भोगा | received; experienced |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.109
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 122
- सहायक विषय
- शिव-पार्वती-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 122, 123
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