बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
मैं पा परउँ कहइ जगदंबा। तुम्ह गृह गवनहु भयउ बिलंबा।।
मूल पाठ
मैं पा परउँ कहइ जगदंबा। तुम्ह गृह गवनहु भयउ बिलंबा।।
देखि प्रेमु बोले मुनि ग्यानी। जय जय जगदंबिके भवानी।।
स्रोत अभिलेख 1.81 · पुस्तक पृ. 96, 96
भावार्थ
मूल पाठ के बादजगज्जननी पार्वतीजीने फिर कहा कि मैं आपके पैरों पड़ती हूँ। आप अपने घर जाइये, बहुत देर हो गयी। [शिवजीमें पार्वतीजीका ऐसा] प्रेम देखकर ज्ञानी मुनि बोले—हे जगज्जननी! हे भवानी! आपकी जय हो! जय हो!!॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 96 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 मैं पा परउँ कहइ जगदंबा। तुम्ह गृह गवनहु भयउ बिलंबा।।
English explanation
The Mother of the world says, ‘I bow at your feet; please go home, for it has grown late.’
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| मैं | मैं | I |
| पा | पाँवों पर | at your feet |
| परउँ | पड़ती हूँ | bow down |
| कहइ | कहती हैं | says |
| जगदंबा | जगत की माता पार्वती | Parvati, Mother of the world |
| तुम्ह | आप | you |
| गृह | घर | home |
| गवनहु | जाइए | please go |
| भयउ | हो गया | has occurred |
| बिलंबा | विलंब; देर | delay; lateness |
2 देखि प्रेमु बोले मुनि ग्यानी। जय जय जगदंबिके भवानी।।
English explanation
Seeing her love, the wise sages said, ‘Hail, hail to you, O Mother of the world, Bhavani!’
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| देखि | देखकर | seeing |
| प्रेमु | प्रेम | her love |
| बोले | बोले | said |
| मुनि | मुनि | sages |
| ग्यानी | ज्ञानी | wise |
| जय | जय हो | hail |
| जय | जय हो | hail |
| जगदंबिके | हे जगत की माता | O Mother of the world |
| भवानी | हे भवानी, शिव की पत्नी पार्वती | O Bhavani, Parvati, Shiva’s consort |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.81
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 96
- सहायक विषय
- सप्तर्षियोंकी परीक्षामें पार्वतीजीका महत्त्व
- मुद्रित पृष्ठ
- 96, 96
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