बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
मृतक जिआवनि गिरा सुहाई। श्रबन रंध्र होइ उर जब आई।।
मूल पाठ
मृतक जिआवनि गिरा सुहाई। श्रबन रंध्र होइ उर जब आई।।
ह्रष्टपुष्ट तन भए सुहाए। मानहुँ अबहिं भवन ते आए।।
स्रोत अभिलेख 1.145 · पुस्तक पृ. 152, 153
भावार्थ
मूल पाठ के बादमुर्देको भी जिला देनेवाली यह सुन्दर वाणी कानोंके छेदोंसे होकर जब हृदयमें आयी, तब राजा-रानीके शरीर ऐसे सुन्दर और हृष्ट-पुष्ट हो गये, मानो अभी घरसे आये हैं॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 153 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 मृतक जिआवनि गिरा सुहाई। श्रबन रंध्र होइ उर जब आई।।
English explanation
When that lovely utterance, capable of reviving even the dead, entered their hearts through their ears—
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| मृतक | मृतकों को | the dead |
| जिआवनि | जीवित करने वाली | life-restoring |
| गिरा | वाणी | utterance |
| सुहाई | सुंदर, सुखद | lovely and pleasing |
| श्रबन | कानों के | of the ears |
| रंध्र | छिद्रों से | through the openings |
| होइ | होकर | passing through |
| उर | हृदय में | into the heart |
| जब | जब | when |
| आई | आई | came |
2 ह्रष्टपुष्ट तन भए सुहाए। मानहुँ अबहिं भवन ते आए।।
English explanation
Their bodies became healthy, well-nourished, and lovely, as though they had just come from home.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| ह्रष्टपुष्ट | स्वस्थ और पुष्ट | healthy and well-nourished |
| तन | शरीर | bodies |
| भए | हो गए | became |
| सुहाए | सुंदर | lovely |
| मानहुँ | मानो | as though |
| अबहिं | अभी ही | just now |
| भवन | घर | home |
| ते | से | from |
| आए | आए हों | had come |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.145
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 153
- सहायक विषय
- मनु-शतरूपा-तप एवं वरदान
- मुद्रित पृष्ठ
- 152, 153
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।