बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
मुनि गति देखि सुरेस डेराना। कामहि बोलि कीन्ह सनमाना।।
मूल पाठ
मुनि गति देखि सुरेस डेराना। कामहि बोलि कीन्ह सनमाना।।
सहित सहाय जाहु मम हेतू। चकेउ हरषि हियँ जलचरकेतू।।
स्रोत अभिलेख 1.125 · पुस्तक पृ. 136, 137
भावार्थ
मूल पाठ के बादनारद मुनिकी [यह तपोमयी] स्थिति देखकर देवराज इन्द्र डर गया। उसने कामदेवको बुलाकर उसका आदर-सत्कार किया [और कहा कि] मेरे [हितके] लिये तुम अपने सहायकोंसहित [नारदकी समाधि भङ्ग करनेको] जाओ। [यह सुनकर] मीनध्वज कामदेव मनमें प्रसन्न होकर चला॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 136 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 मुनि गति देखि सुरेस डेराना। कामहि बोलि कीन्ह सनमाना।।
English explanation
Seeing the sage’s state, Indra, king of the gods, became afraid. He summoned the god of desire and honored him.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| मुनि | मुनि नारद की | of the sage Narada |
| गति | अवस्था | state |
| देखि | देखकर | seeing |
| सुरेस | देवताओं के राजा इंद्र | Indra, king of the gods |
| डेराना | डर गए | became afraid |
| कामहि | कामदेव को | the god of desire |
| बोलि | बुलाकर | having summoned |
| कीन्ह | किया | performed |
| सनमाना | सम्मान | honor |
2सहित सहाय जाहु मम हेतू। चकेउ हरषि हियँ जलचरकेतू।।
English explanation
Indra said, ‘Go with your helpers on my behalf.’ The god of desire, whose banner bears an aquatic creature, was surprised and inwardly delighted.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सहित | साथ में | together with |
| सहाय | सहायक | helpers |
| जाहु | जाओ | go |
| मम | मेरे | my |
| हेतू | लिए; कार्य के निमित्त | for my sake |
| चकेउ | चकित हुए | was surprised |
| हरषि | प्रसन्न होकर | rejoicing |
| हियँ | हृदय में | in his heart |
| जलचरकेतू | मकरचिह्न वाली ध्वजा के धारक कामदेव | the god of desire, bearer of a makara-emblazoned banner |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.125
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 136
- सहायक विषय
- अवतारके हेतु
- मुद्रित पृष्ठ
- 136, 137
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।