बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
मुनि अति बिकल मोंहँ मति नाठी। मनि गिरि गई छूटि जनु गाँठी।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दमोहके कारण मुनिकी बुद्धि नष्ट हो गयी थी, इससे वे [राजकुमारीको गयी देख] बहुत ही विकल हो गये। मानो गाँठसे छूटकर मणि गिर गयी हो। तब शिवजीके गणोंने मुसकराकर कहा— जाकर दर्पणमें अपना मुँह तो देखिये!॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 144 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
मुनि अति बिकल मोंहँ मति नाठी। मनि गिरि गई छूटि जनु गाँठी।।
तब हर गन बोले मुसुकाई। निज मुख मुकुर बिलोकहु जाई।।
स्रोत अभिलेख 1.135 · पुस्तक पृ. 144, 145
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 मुनि अति बिकल मोंहँ मति नाठी। मनि गिरि गई छूटि जनु गाँठी।।
English explanation
The sage became deeply distraught; delusion robbed him of his judgment, as though a jewel had fallen when its binding knot came loose. ‘मोंहँ’ apparently denotes delusion here.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| मुनि | मुनि नारद | the sage Narada |
| अति | अत्यंत | extremely |
| बिकल | व्याकुल | distraught |
| मोंहँ | मोह में | in delusion |
| मति | बुद्धि | judgment |
| नाठी | नष्ट हो गई; जाती रही | was lost |
| मनि | मणि; रत्न | a jewel |
| गिरि | गिर | fallen |
| गई | गई | had |
| छूटि | खुल जाने से | coming loose |
| जनु | मानो | as though |
| गाँठी | गाँठ | the knot |
2 तब हर गन बोले मुसुकाई। निज मुख मुकुर बिलोकहु जाई।।
English explanation
Then Shiva’s attendants said with a smile, ‘Go and look at your own face in a mirror.’
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| तब | तब | then |
| हर | शिव के | Shiva’s |
| गन | गण; सेवक | attendants |
| बोले | बोले | said |
| मुसुकाई | मुसकराकर | with a smile |
| निज | अपना | your own |
| मुख | मुख | face |
| मुकुर | दर्पण में | in a mirror |
| बिलोकहु | देखिए | look |
| जाई | जाकर | go and |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.135
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 144
- सहायक विषय
- विश्वमोहिनीका स्वयंवर, शिवगणोंको तथा भगवान्को शाप और नारदका मोह-भंग
- मुद्रित पृष्ठ
- 144, 145
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।