बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
अस कहि दोउ भागे भयँ भारी। बदन दीख मुनि बारि निहारी।।
मूल पाठ
अस कहि दोउ भागे भयँ भारी। बदन दीख मुनि बारि निहारी।।
बेषु बिलोकि क्रोध अति बाढ़ा। तिन्हहि सराप दीन्ह अति गाढ़ा।।
स्रोत अभिलेख 1.135 · पुस्तक पृ. 144, 145
भावार्थ
मूल पाठ के बादऐसा कहकर वे दोनों बहुत भयभीत होकर भागे। मुनिने जलमें झाँककर अपना मुँह देखा। अपना रूप देखकर उनका क्रोध बहुत बढ़ गया। उन्होंने शिवजीके उन गणोंको अत्यन्त कठोर शाप दिया॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 145 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 अस कहि दोउ भागे भयँ भारी। बदन दीख मुनि बारि निहारी।।
English explanation
Saying this, both fled in great fear. The sage looked into the water and saw his face.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| अस | ऐसा | this |
| कहि | कहकर | having said |
| दोउ | दोनों गण | both attendants |
| भागे | भाग गए | fled |
| भयँ | भय से | in fear |
| भारी | बहुत अधिक | great |
| बदन | मुख | face |
| दीख | देखा | saw |
| मुनि | मुनि नारद ने | the sage Narada |
| बारि | जल में | into the water |
| निहारी | निहारकर | looking |
2 बेषु बिलोकि क्रोध अति बाढ़ा। तिन्हहि सराप दीन्ह अति गाढ़ा।।
English explanation
Seeing his appearance, his anger grew greatly. He pronounced a very severe curse on the two attendants.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बेषु | अपना रूप | his appearance |
| बिलोकि | देखकर | seeing |
| क्रोध | क्रोध | anger |
| अति | बहुत | greatly |
| बाढ़ा | बढ़ गया | increased |
| तिन्हहि | उन्हीं दोनों को | on those very two |
| सराप | शाप | a curse |
| दीन्ह | दिया | pronounced |
| अति | अत्यंत | very |
| गाढ़ा | कठोर | severe |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.135
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 145
- सहायक विषय
- विश्वमोहिनीका स्वयंवर, शिवगणोंको तथा भगवान्को शाप और नारदका मोह-भंग
- मुद्रित पृष्ठ
- 144, 145
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