बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
धरि नृपतनु तहँ गयउ कृपाला। कुअँरि हरषि मेलेउ जयमाला।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दकृपालु भगवान् भी राजाका शरीर धारण कर वहाँ जा पहुँचे। राजकुमारीने हॢषत होकर उनके गलेमें जयमाला डाल दी। लक्ष्मीनिवास भगवान् दुलहिनको ले गये। सारी राजमण्डली निराश हो गयी॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 144 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
धरि नृपतनु तहँ गयउ कृपाला। कुअँरि हरषि मेलेउ जयमाला।।
दुलहिनि लै गे लच्छिनिवासा। नृपसमाज सब भयउ निरासा।।
स्रोत अभिलेख 1.135 · पुस्तक पृ. 144, 145
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 धरि नृपतनु तहँ गयउ कृपाला। कुअँरि हरषि मेलेउ जयमाला।।
English explanation
The compassionate Lord went there assuming a king’s form. The princess joyfully placed the wedding garland on him.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| धरि | धारण करके | assuming |
| नृपतनु | राजा का शरीर या रूप | a king’s bodily form |
| तहँ | वहाँ | there |
| गयउ | गए | went |
| कृपाला | कृपालु भगवान विष्णु | the compassionate Lord Vishnu |
| कुअँरि | राजकुमारी | the princess |
| हरषि | हर्षित होकर | joyfully |
| मेलेउ | पहना दी | placed on him |
| जयमाला | वर चुनने की माला | the garland marking her choice of husband |
2 दुलहिनि लै गे लच्छिनिवासा। नृपसमाज सब भयउ निरासा।।
English explanation
Lord Vishnu, the abode of Lakshmi, departed with the bride. The entire assembly of kings was disappointed.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| दुलहिनि | दुलहिन को | the bride |
| लै | लेकर | taking with him |
| गे | चले गए | departed |
| लच्छिनिवासा | लक्ष्मी के निवास भगवान विष्णु | Lord Vishnu, the abode of Lakshmi |
| नृपसमाज | राजाओं का समुदाय | the assembly of kings |
| सब | पूरा | entire |
| भयउ | हो गया | became |
| निरासा | निराश | disappointed |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.135
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 144
- सहायक विषय
- विश्वमोहिनीका स्वयंवर, शिवगणोंको तथा भगवान्को शाप और नारदका मोह-भंग
- मुद्रित पृष्ठ
- 144, 145
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।