बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
जेहि दिसि बैठे नारद फूली। सो दिसि देहि न बिलोकी भूली।।
मूल पाठ
जेहि दिसि बैठे नारद फूली। सो दिसि देहि न बिलोकी भूली।।
पुनि पुनि मुनि उकसहिं अकुलाहीं। देखि दसा हर गन मुसकाहीं।।
स्रोत अभिलेख 1.135 · पुस्तक पृ. 144, 145
भावार्थ
मूल पाठ के बादजिस ओर नारदजी [रूपके गर्वमें ] फूले बैठे थे, उस ओर उसने भूलकर भी नहीं ताका। नारद मुनि बार-बार उचकते और छटपटाते हैं। उनकी दशा देखकर शिवजीके गण मुसकराते हैं॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 144 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 जेहि दिसि बैठे नारद फूली। सो दिसि देहि न बिलोकी भूली।।
English explanation
AI draft: The princess did not look, even inadvertently, toward the direction where Narada sat elated. The reading ‘देहि’ is uncertain here.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जेहि | जिस | in which |
| दिसि | दिशा में | direction |
| बैठे | बैठे थे | sat |
| नारद | देवर्षि नारद | Narada, the divine sage |
| फूली | प्रसन्न होकर; फूले हुए | elated |
| सो | उस | that |
| दिसि | दिशा में | direction |
| देहि | उस; उस दिशा की ओर। | That; toward that direction. |
| न | नहीं | not |
| बिलोकी | देखा | looked |
| भूली | भूलकर भी | even inadvertently |
2 पुनि पुनि मुनि उकसहिं अकुलाहीं। देखि दसा हर गन मुसकाहीं।।
English explanation
The sage repeatedly raised himself up and grew restless. Seeing his condition, Shiva’s attendants smiled.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| पुनि | बार | again |
| पुनि | बार | and again |
| मुनि | मुनि नारद | the sage Narada |
| उकसहिं | उचकते हैं | raise themselves up |
| अकुलाहीं | व्याकुल होते हैं | grow restless |
| देखि | देखकर | seeing |
| दसा | दशा | condition |
| हर | शिव के | Shiva’s |
| गन | गण; सेवक | attendants |
| मुसकाहीं | मुसकराते हैं | smile |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.135
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 144
- सहायक विषय
- विश्वमोहिनीका स्वयंवर, शिवगणोंको तथा भगवान्को शाप और नारदका मोह-भंग
- मुद्रित पृष्ठ
- 144, 145
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।