बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
मातु पिता गुर प्रभु कै बानी। बिनहिं बिचार करिअ सुभ जानी।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दमाता, पिता, गुरु और स्वामीकी बातको बिना ही विचारे शुभ समझकर करना (मानना) चाहिये। फिर आप तो सब प्रकारसे मेरे परम हितकारी हैं। हे नाथ! आपकी आज्ञा मेरे सिरपर है॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 93 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
मातु पिता गुर प्रभु कै बानी। बिनहिं बिचार करिअ सुभ जानी।।
तुम्ह सब भाँति परम हितकारी। अग्या सिर पर नाथ तुम्हारी।।
स्रोत अभिलेख 1.77 · पुस्तक पृ. 93, 93
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 मातु पिता गुर प्रभु कै बानी। बिनहिं बिचार करिअ सुभ जानी।।
English explanation
The words of one’s mother, father, teacher, and lord should be followed without deliberation, knowing them to be beneficial.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| मातु | माता | mother |
| पिता | पिता | father |
| गुर | गुरु | teacher |
| प्रभु | स्वामी | lord |
| कै | की | of |
| बानी | वाणी; वचन | words; instruction |
| बिनहिं | बिना ही | without |
| बिचार | विचार-विमर्श | deliberation |
| करिअ | पालन करना चाहिए | should be followed |
| सुभ | शुभ; हितकर | good; beneficial |
| जानी | जानकर | knowing to be |
2 तुम्ह सब भाँति परम हितकारी। अग्या सिर पर नाथ तुम्हारी।।
English explanation
You are supremely benevolent in every way. Lord, I accept your command with the highest respect.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| तुम्ह | आप | you |
| सब | सब; हर | every |
| भाँति | प्रकार से | in manner; in way |
| परम | अत्यंत | supremely |
| हितकारी | हित करने वाले | benevolent; acting for my good |
| अग्या | आज्ञा | command |
| सिर | सिर | head |
| पर | पर | upon |
| नाथ | हे स्वामी | O Lord |
| तुम्हारी | आपकी | your |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.77
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 93
- सहायक विषय
- श्रीरामजीका शिवजीसे विवाहके लिये अनुरोध
- मुद्रित पृष्ठ
- 93, 93
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।