बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
मागध सूत बंदि गुनगायक। चले जान चढ़ि जो जेहि लायक।।
मूल पाठ
मागध सूत बंदि गुनगायक। चले जान चढ़ि जो जेहि लायक।।
बेसर ऊँट बृषभ बहु जाती। चले बस्तु भरि अगनित भाँती।।
स्रोत अभिलेख 1.3 · पुस्तक पृ. 283, 284
भावार्थ
मूल पाठ के बादमागध, सूत, भाट और गुण गानेवाले सब, जो जिस योग्य थे, वैसी सवारीपर चढ़कर चले। बहुत जातियोंके खच्चर, ऊँट और बैल असंख्यों प्रकारकी वस्तुएँ लाद-लादकर चले॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 283 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 मागध सूत बंदि गुनगायक। चले जान चढ़ि जो जेहि लायक।।
English explanation
Court panegyrists, genealogist-bards, praise-reciters, and singers of virtues set out, each mounted on a suitable conveyance.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| मागध | राजवंश की प्रशंसा करनेवाले मागध | court panegyrists |
| सूत | वंशावली सुनानेवाले सूत | genealogist-bards |
| बंदि | यश का बखान करनेवाले बंदीजन | praise-reciters |
| गुनगायक | गुण गानेवाले | singers of virtues |
| चले | चल पड़े | set out |
| जान | वाहनों पर | on conveyances |
| चढ़ि | चढ़कर | having mounted |
| जो | जो व्यक्ति | each person who |
| जेहि | जिस वाहन के | for whichever conveyance |
| लायक | योग्य था | was suited |
2 बेसर ऊँट बृषभ बहु जाती। चले बस्तु भरि अगनित भाँती।।
English explanation
Mules, camels, and oxen of many breeds set out carrying goods of countless kinds.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बेसर | खच्चर | mules |
| ऊँट | ऊँट | camels |
| बृषभ | बैल | oxen |
| बहु | अनेक | many |
| जाती | जातियों के | of breeds |
| चले | चल पड़े | set out |
| बस्तु | वस्तुएँ | goods |
| भरि | लादकर | loaded with |
| अगनित | अनगिनत | countless |
| भाँती | प्रकार की | kinds of |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.3
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 283
- सहायक विषय
- दशरथजीके पास जनकजीका दूत भेजना, अयोध्यासे बारातका प्रस्थान
- मुद्रित पृष्ठ
- 283, 284
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