बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
मंत्र महामनि बिषय ब्याल के। मेटत कठिन कुअंक भाल के।।
मूल पाठ
मंत्र महामनि बिषय ब्याल के। मेटत कठिन कुअंक भाल के।।
हरन मोह तम दिनकर कर से। सेवक सालि पाल जलधर से।।
स्रोत अभिलेख 1.32 · पुस्तक पृ. 54, 55
भावार्थ
मूल पाठ के बादविषयरूपी साँपका जहर उतारनेके लिये मन्त्र और महामणि हैं। ये ललाटपर लिखे हुए कठिनतासे मिटनेवाले बुरे लेखों (मन्द प्रारब्ध) को मिटा देनेवाले हैं। अज्ञानरूपी अन्धकारके हरण करनेके लिये सूर्यकिरणोंके समान और सेवकरूपी धानके पालन करनेमें मेघके समान हैं॥ ५॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 55 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 मंत्र महामनि बिषय ब्याल के। मेटत कठिन कुअंक भाल के।।
English explanation
They are protective spells and a great jewel against the serpents of sensual pleasures, and erase harsh, ill-fated inscriptions on the forehead.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| मंत्र | सर्प-विष रोकने का मंत्र | spell against snake poison |
| महामनि | महान मणि | great protective jewel |
| बिषय | इंद्रिय-विषय | sensual pleasures |
| ब्याल | सर्प | serpents |
| के | के लिए | against |
| मेटत | मिटाते हैं | erase |
| कठिन | कठोर | harsh |
| कुअंक | अशुभ भाग्यलेख | ill-fated inscriptions |
| भाल | माथे | forehead |
| के | के | on |
2 हरन मोह तम दिनकर कर से। सेवक सालि पाल जलधर से।।
English explanation
They are like sunrays dispelling the darkness of delusion, and like rainclouds nourishing devotees figured as rice plants.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| हरन | हरने वाले | dispelling |
| मोह | मोह | delusion |
| तम | अंधकार | darkness |
| दिनकर | सूर्य की | of the sun |
| कर | किरणें | rays |
| से | जैसे | like |
| सेवक | भक्त-सेवक | devotees |
| सालि | धान | rice plants |
| पाल | पालने वाले | nourishing |
| जलधर | मेघ | rainclouds |
| से | जैसे | like |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.32
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 55
- सहायक विषय
- श्रीरामगुण और श्रीरामचरितकी महिमा
- मुद्रित पृष्ठ
- 54, 55
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।