बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
काम कोह कलिमल करिगन के। केहरि सावक जन मन बन के।।
मूल पाठ
काम कोह कलिमल करिगन के। केहरि सावक जन मन बन के।।
अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के। कामद घन दारिद दवारि के।।
स्रोत अभिलेख 1.32 · पुस्तक पृ. 54, 55
भावार्थ
मूल पाठ के बादभक्तोंके मनरूपी वनमें बसनेवाले काम, क्रोध औरकलियुगके पापरूपी हाथियोंके मारनेके लिये सिं हके बच्चे हैं। शिवजीके पूज्य और प्रियतम अतिथि हैं और दरिद्रतारूपी दावानलके बुझानेके लिये कामना पूर्ण करनेवाले मेघ हैं॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 54 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 काम कोह कलिमल करिगन के। केहरि सावक जन मन बन के।।
English explanation
In the forest of devotees’ minds, they are lion cubs confronting the elephant herds figured as lust, anger, and the impurities of the Kali age.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| काम | कामवासना | lust |
| कोह | क्रोध | anger |
| कलिमल | कलियुग का मल | impurities of the Kali age |
| करिगन | हाथियों के समूह | herds of elephants |
| के | के विरुद्ध | against |
| केहरि | सिंह | lion |
| सावक | शावक | cubs |
| जन | भक्तों के | of devotees |
| मन | मन | minds |
| बन | वन | forest |
| के | के | of |
2 अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के। कामद घन दारिद दवारि के।।
English explanation
They are Shiva’s honored and most beloved guests, and wish-fulfilling clouds against the forest fire of poverty.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| अतिथि | अतिथि | guests |
| पूज्य | पूजनीय | worthy of reverence |
| प्रियतम | अत्यंत प्रिय | most beloved |
| पुरारि | त्रिपुर-विनाशक शिव | Shiva, destroyer of Tripura |
| के | के | of |
| कामद | इच्छा पूरी करने वाले | wish-fulfilling |
| घन | मेघ | clouds |
| दारिद | दरिद्रता | poverty |
| दवारि | दावानल | forest fire |
| के | के लिए | against |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.32
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 54
- सहायक विषय
- श्रीरामगुण और श्रीरामचरितकी महिमा
- मुद्रित पृष्ठ
- 54, 55
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।