बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
मंगल मूल लगन दिनु आवा। हिम रितु अगहनु मासु सुहावा।।
मूल पाठ
मंगल मूल लगन दिनु आवा। हिम रितु अगहनु मासु सुहावा।।
ग्रह तिथि नखतु जोगु बर बारू। लगन सोधि बिधि कीन्ह बिचारू।।
स्रोत अभिलेख 1.312 · पुस्तक पृ. 293, 294
भावार्थ
मूल पाठ के बादमङ्गलोंका मूल लग्नका दिन आ गया। हेमन्त-ऋतु और सुहावना अगहनका महीना था। ग्रह, तिथि, नक्षत्र, योग और वार श्रेष्ठ थे। लग्न (मुहूर्त) शोधकर ब्रह्माजीने उसपर विचार किया,॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 293 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 मंगल मूल लगन दिनु आवा। हिम रितु अगहनु मासु सुहावा।।
English explanation
The wedding day, a source of auspiciousness, arrived; it was the cold season and the lovely month of Agahan.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| मंगल | मंगल का | of auspiciousness |
| मूल | मूल स्रोत | source |
| लगन | विवाह के शुभ मुहूर्त का | of the auspicious wedding time |
| दिनु | दिन | day |
| आवा | आ गया | arrived |
| हिम | शीत की | cold |
| रितु | ऋतु | season |
| अगहनु | अगहन, अर्थात मार्गशीर्ष | Agahan, the month of Margashirsha |
| मासु | महीना | month |
| सुहावा | सुंदर और सुखद | lovely and pleasant |
2 ग्रह तिथि नखतु जोगु बर बारू। लगन सोधि बिधि कीन्ह बिचारू।।
English explanation
Considering the planets, lunar date, lunar mansion, astrological conjunction, and favorable weekday, Brahma examined and deliberated upon the wedding time.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| ग्रह | ग्रहों की स्थिति | planetary positions |
| तिथि | चंद्र-पक्ष की तिथि | lunar date |
| नखतु | नक्षत्र | lunar mansion |
| जोगु | ज्योतिषीय योग | astrological conjunction |
| बर | उत्तम | favorable |
| बारू | सप्ताह का दिन | weekday |
| लगन | विवाह का शुभ मुहूर्त | auspicious wedding time |
| सोधि | जाँचकर | having examined |
| बिधि | ब्रह्मा ने | Brahma, the creator |
| कीन्ह | किया | made |
| बिचारू | विचार | deliberation |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.312
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 293
- सहायक विषय
- बारातका जनकपुरमें आना और स्वागतादि
- मुद्रित पृष्ठ
- 293, 294
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।