बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
पठै दीन्हि नारद सन सोई। गनी जनक के गनकन्ह जोई।।
मूल पाठ
पठै दीन्हि नारद सन सोई। गनी जनक के गनकन्ह जोई।।
सुनी सकल लोगन्ह यह बाता। कहहिं जोतिषी आहिं बिधाता।।
स्रोत अभिलेख 1.312 · पुस्तक पृ. 293, 294
भावार्थ
मूल पाठ के बादऔर उस (लग्नपत्रिका) को नारदजीके हाथ [जनकजीके यहाँ] भेज दिया। जनकजीके ज्योतिषियोंने भी वही गणना कर रखी थी। जब सब लोगोंने यह बात सुनी तब वे कहने लगे— यहाँके ज्योतिषी भी ब्रह्मा ही हैं॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 293 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 पठै दीन्हि नारद सन सोई। गनी जनक के गनकन्ह जोई।।
English explanation
Brahma sent with Narada the very same wedding time that Janaka’s astrologers had calculated.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| पठै | भेज | sending |
| दीन्हि | दिया | completed the sending |
| नारद | देवर्षि नारद | the divine sage Narada |
| सन | के साथ | with |
| सोई | वही मुहूर्त-सूचना | that very wedding-time determination |
| गनी | गणना करके निर्धारित की | calculated |
| जनक | राजा जनक | King Janaka |
| के | के | of |
| गनकन्ह | ज्योतिषियों ने | by the astrologers |
| जोई | जो मुहूर्त-सूचना | which wedding-time determination |
2 सुनी सकल लोगन्ह यह बाता। कहहिं जोतिषी आहिं बिधाता।।
English explanation
Everyone heard this and said that Brahma himself was the astrologer.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सुनी | सुनी | heard |
| सकल | सभी | all |
| लोगन्ह | लोगों ने | the people |
| यह | यह | this |
| बाता | बात | news |
| कहहिं | कहते हैं | say |
| जोतिषी | ज्योतिषी | astrologer |
| आहिं | हैं | is |
| बिधाता | सृष्टिकर्ता ब्रह्मा | Brahma, the creator |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.312
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 293
- सहायक विषय
- बारातका जनकपुरमें आना और स्वागतादि
- मुद्रित पृष्ठ
- 293, 294
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।