बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
कहत राम जसु बिसद बिसाला। निज निज भवन गए महिपाला।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दश्रीरामचन्द्रजीका निर्मल और महान् यश कहते हुए राजा लोग अपने-अपने घर गये। इस प्रकार कुछ दिन बीत गये। जनकपुरनिवासी और बराती सभी बड़े आनन्दित हैं॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 293 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
कहत राम जसु बिसद बिसाला। निज निज भवन गए महिपाला।।
गए बीति कुछ दिन एहि भाँती। प्रमुदित पुरजन सकल बराती।।
स्रोत अभिलेख 1.312 · पुस्तक पृ. 293, 294
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 कहत राम जसु बिसद बिसाला। निज निज भवन गए महिपाला।।
English explanation
Speaking of Rama’s pure and great glory, the kings returned to their respective homes.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कहत | कहते हुए | speaking of |
| राम | राम की | Rama’s |
| जसु | कीर्ति | glory |
| बिसद | निर्मल | pure |
| बिसाला | महान और व्यापक | great and far-reaching |
| निज | अपने | their own |
| निज | अपने-अपने | respective |
| भवन | भवनों को | homes |
| गए | चले गए | returned |
| महिपाला | राजा | kings |
2 गए बीति कुछ दिन एहि भाँती। प्रमुदित पुरजन सकल बराती।।
English explanation
Some days passed in this manner; the townspeople and all the wedding guests were delighted.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| गए | गए | had passed |
| बीति | बीत | passing |
| कुछ | कुछ | some |
| दिन | दिन | days |
| एहि | इस | this |
| भाँती | प्रकार से | in this manner |
| प्रमुदित | अत्यंत प्रसन्न | delighted |
| पुरजन | नगरवासी | townspeople |
| सकल | सभी | all |
| बराती | वर की बारात के लोग | members of the bridegroom’s wedding party |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.312
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 293
- सहायक विषय
- बारातका जनकपुरमें आना और स्वागतादि
- मुद्रित पृष्ठ
- 293, 294
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।