बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
भे जगबिदित दच्छ गति सोई। जसि कछु संभु बिमुख कै होई।।
मूल पाठ
भे जगबिदित दच्छ गति सोई। जसि कछु संभु बिमुख कै होई।।
यह इतिहास सकल जग जानी। ताते मैं संछेप बखानी।।
स्रोत अभिलेख 1.65 · पुस्तक पृ. 84, 84
भावार्थ
मूल पाठ के बाददक्षकी जगत्प्रसिद्ध वही गति हुई जो शिवद्रोहीकी हुआ करती है। यह इतिहास सारा संसार जानता है, इसलिये मैंने संक्षेपमें वर्णन किया॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 84 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 भे जगबिदित दच्छ गति सोई। जसि कछु संभु बिमुख कै होई।।
English explanation
Daksha met the fate of one who turns away from Shiva, and this became known throughout the world.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| भे | हुए; हो गए | became |
| जगबिदित | जगत में प्रसिद्ध | known throughout the world |
| दच्छ | प्रजापति दक्ष की | of Daksha, the progenitor |
| गति | दशा; परिणति | fate; condition |
| सोई | वही | that very |
| जसि | जैसी | such as |
| कछु | कुछ भी; जो भी | whatever |
| संभु | शिव से | from Shiva |
| बिमुख | विमुख व्यक्ति | one who turns away |
| कै | की | of |
| होई | होती है | befalls |
2 यह इतिहास सकल जग जानी। ताते मैं संछेप बखानी।।
English explanation
The whole world knows this account, so I have related it briefly.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| यह | यह | this |
| इतिहास | वृत्तांत | account |
| सकल | सारा | entire |
| जग | जगत | world |
| जानी | जानता है | knows |
| ताते | इसलिए | therefore |
| मैं | मैंने | I |
| संछेप | संक्षेप में | briefly |
| बखानी | वर्णन किया | related |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.65
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 84
- सहायक विषय
- पार्वतीका जन्म और तपस्या
- मुद्रित पृष्ठ
- 84, 84
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।