बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
समाचार सब संकर पाए। बीरभद्रु करि कोप पठाए।।
मूल पाठ
समाचार सब संकर पाए। बीरभद्रु करि कोप पठाए।।
जग्य बिधंस जाइ तिन्ह कीन्हा। सकल सुरन्ह बिधिवत फलु दीन्हा।।
स्रोत अभिलेख 1.65 · पुस्तक पृ. 84, 84
भावार्थ
मूल पाठ के बादये सब समाचार शिवजीको मिले, तब उन्होंने क्रोध करके वीरभद्रको भेजा। उन्होंने वहाँ जाकर यज्ञ विध्वंस कर डाला और सब देवताओंको यथोचित फल (दण्ड) दिया॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 84 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 समाचार सब संकर पाए। बीरभद्रु करि कोप पठाए।।
English explanation
AI-draft meaning: Shiva received all the news and, in anger, sent Virabhadra.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| समाचार | समाचार | news |
| सब | सारा | all |
| संकर | शंकर, शिव | Shiva |
| पाए | प्राप्त किया | received |
| बीरभद्रु | शिव के गण वीरभद्र को | Virabhadra, Shiva’s attendant |
| करि | करके | having felt |
| कोप | क्रोध | anger |
| पठाए | भेजा | sent |
2 जग्य बिधंस जाइ तिन्ह कीन्हा। सकल सुरन्ह बिधिवत फलु दीन्हा।।
English explanation
Virabhadra went there, destroyed the sacrifice, and gave all the gods their due recompense.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जग्य | यज्ञ का | of the sacrifice |
| बिधंस | विनाश | destruction |
| जाइ | जाकर | having gone |
| तिन्ह | उन्होंने, वीरभद्र ने | he, Virabhadra |
| कीन्हा | किया | performed |
| सकल | सभी | all |
| सुरन्ह | देवताओं को | to the gods |
| बिधिवत | यथोचित रीति से | in due manner |
| फलु | कर्मों का फल | recompense for their deeds |
| दीन्हा | दिया | gave |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.65
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 84
- सहायक विषय
- पार्वतीका जन्म और तपस्या
- मुद्रित पृष्ठ
- 84, 84
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।