बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
भुजबल भूमि भूप बिनु कीन्ही। बिपुल बार महिदेवन्ह दीन्ही।।
मूल पाठ
भुजबल भूमि भूप बिनु कीन्ही। बिपुल बार महिदेवन्ह दीन्ही।।
सहसबाहु भुज छेदनिहारा। परसु बिलोकु महीपकुमारा।।
स्रोत अभिलेख 1.272 · पुस्तक पृ. 261, 261
भावार्थ
मूल पाठ के बादअपनी भुजाओंके बलसे मैंने पृथ्वीको राजाओंसे रहित कर दिया और बहुत बार उसे ब्राह्मणोंको दे डाला। हे राजकुमार! सहस्रबाहुकी भुजाओंको काटनेवाले मेरे इस फरसेको देख!॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 261 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 भुजबल भूमि भूप बिनु कीन्ही। बिपुल बार महिदेवन्ह दीन्ही।।
English explanation
“By the strength of my arms, I made the earth devoid of kings and gave it to Brahmins many times.”
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| भुजबल | भुजाओं के बल से | by the strength of my arms |
| भूमि | पृथ्वी | the earth |
| भूप | राजाओं | kings |
| बिनु | से रहित | devoid of |
| कीन्ही | मैंने किया | I made |
| बिपुल | अनेक | many |
| बार | बार | times |
| महिदेवन्ह | ब्राह्मणों को | to Brahmins |
| दीन्ही | मैंने दे दी | I gave it |
2 सहसबाहु भुज छेदनिहारा। परसु बिलोकु महीपकुमारा।।
English explanation
“O prince, look at this axe that severed Sahasrabahu’s arms.”
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सहसबाहु | सहस्रबाहु की | of Sahasrabahu, the thousand-armed king |
| भुज | भुजाएँ | arms |
| छेदनिहारा | काटने वाला | that severs |
| परसु | फरसा | axe |
| बिलोकु | देख | look at |
| महीपकुमारा | हे राजकुमार | O prince |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.272
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 261
- सहायक विषय
- श्रीराम-लक्ष्मण और परशुराम-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 261, 261
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।