बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
बालकु बोलि बधउँ नहिं तोही। केवल मुनि जड़ जानहि मोही।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दमैं तुझे बालक जानकर नहीं मारता हूँ। अरे मूर्ख! क्या तू मुझे निरा मुनि ही जानता है? मैं बालब्रह्मचारी और अत्यन्त क्रोधी हूँ। क्षत्रियकुलका शत्रु तो विश्वभरमें विख्यात हूँ॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 261 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
बालकु बोलि बधउँ नहिं तोही। केवल मुनि जड़ जानहि मोही।।
बाल ब्रह्मचारी अति कोही। बिस्व बिदित छत्रियकुल द्रोही।।
स्रोत अभिलेख 1.272 · पुस्तक पृ. 261, 261
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 बालकु बोलि बधउँ नहिं तोही। केवल मुनि जड़ जानहि मोही।।
English explanation
“I do not kill you because I regard you as a child. Fool, you take me for merely a sage.”
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बालकु | बालक | a child |
| बोलि | कहकर या मानकर | calling or regarding as |
| बधउँ | मैं मारता हूँ | I kill |
| नहिं | नहीं | not |
| तोही | तुझे | you |
| केवल | केवल | merely |
| मुनि | मुनि | a sage |
| जड़ | अरे मूर्ख | you fool |
| जानहि | तू समझता है | you consider |
| मोही | मुझे | me |
2 बाल ब्रह्मचारी अति कोही। बिस्व बिदित छत्रियकुल द्रोही।।
English explanation
“I have been celibate since childhood, am exceedingly wrathful, and am known throughout the world as an enemy of Kshatriya lineages.”
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बाल | बचपन से | since childhood |
| ब्रह्मचारी | ब्रह्मचर्य का पालन करने वाला | one who observes celibacy |
| अति | अत्यंत | extremely |
| कोही | क्रोधी | wrathful |
| बिस्व | संसार में | throughout the world |
| बिदित | प्रसिद्ध | known |
| छत्रियकुल | क्षत्रिय कुलों का | of Kshatriya lineages |
| द्रोही | शत्रु | enemy |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.272
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 261
- सहायक विषय
- श्रीराम-लक्ष्मण और परशुराम-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 261, 261
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।