बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
भाल तिलक श्रमबिंदु सुहाए। श्रवन सुभग भूषन छबि छाए।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दमाथेपर तिलक और पसीनेकी बूँदें शोभायमान हैं। कानोंमें सुन्दर भूषणोंकी छबि छायी है। टेढ़ी भौंहें और घुँघराले बाल हैं। नये लाल कमलके समान रतनारे (लाल) नेत्र हैं॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 228 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
भाल तिलक श्रमबिंदु सुहाए। श्रवन सुभग भूषन छबि छाए।।
बिकट भृकुटि कच घूघरवारे। नव सरोज लोचन रतनारे।।
स्रोत अभिलेख 1.233 · पुस्तक पृ. 228, 228
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 भाल तिलक श्रमबिंदु सुहाए। श्रवन सुभग भूषन छबि छाए।।
English explanation
Tilaks and beads of perspiration from exertion look lovely on their foreheads; beautiful ear ornaments spread their radiance.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| भाल | माथे पर | on the forehead |
| तिलक | तिलक | forehead marks |
| श्रमबिंदु | परिश्रम से आए पसीने की बूँदें | beads of perspiration from exertion |
| सुहाए | सुंदर लगे | looked lovely |
| श्रवन | कानों में | on the ears |
| सुभग | सुंदर | beautiful |
| भूषन | आभूषण | ornaments |
| छबि | सुंदर छटा | radiance |
| छाए | छाए हुए हैं | are resplendent |
2 बिकट भृकुटि कच घूघरवारे। नव सरोज लोचन रतनारे।।
English explanation
Their brows are striking and their hair curly; their eyes resemble freshly blossomed lotuses, tinged with red.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बिकट | प्रभावशाली; तीखे आकार की | striking; strongly shaped |
| भृकुटि | भौंहें | brows |
| कच | बाल | hair |
| घूघरवारे | घुँघराले | curly |
| नव | नए खिले | freshly blossomed |
| सरोज | कमल जैसे | lotus-like |
| लोचन | नेत्र | eyes |
| रतनारे | लालिमा लिए हुए | tinged with red |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.233
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 228
- सहायक विषय
- पुष्पवाटिका-निरीक्षण, सीताजीका प्रथम दर्शन, श्रीसीतारामजीका परस्पर दर्शन
- मुद्रित पृष्ठ
- 228, 228
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।