बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
सोभा सीवँ सुभग दोउ बीरा। नील पीत जलजाभ सरीरा।।
मूल पाठ
सोभा सीवँ सुभग दोउ बीरा। नील पीत जलजाभ सरीरा।।
मोरपंख सिर सोहत नीके। गुच्छ बीच बिच कुसुम कली के।।
स्रोत अभिलेख 1.233 · पुस्तक पृ. 228, 228
भावार्थ
मूल पाठ के बाददोनों सुन्दर भाई शोभाकी सीमा हैं। उनके शरीरकी आभा नीले और पीले कमलकी-सी है। सिरपर सुन्दर मोरपंख सुशोभित हैं। उनके बीच-बीचमें फूलोंकी कलियोंके गुच्छे लगे हैं॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 228 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 सोभा सीवँ सुभग दोउ बीरा। नील पीत जलजाभ सरीरा।।
English explanation
AI draft: The two handsome heroes, Rama and Lakshmana, are the pinnacle of beauty; their bodies resemble blue and yellow lotuses respectively.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सोभा | शोभा की | of beauty |
| सीवँ | सीमा; पराकाष्ठा | limit; pinnacle |
| सुभग | सुंदर | handsome |
| दोउ | दोनों | both |
| बीरा | वीर भाई राम और लक्ष्मण | heroic brothers Rama and Lakshmana |
| नील | नीला | blue |
| पीत | पीला | yellow |
| जलजाभ | कमल के समान आभा वाले | resembling lotuses in radiance |
| सरीरा | शरीर | bodies |
2 मोरपंख सिर सोहत नीके। गुच्छ बीच बिच कुसुम कली के।।
English explanation
Peacock feathers adorn their heads beautifully, with clusters of flowers and buds placed here and there among them.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| मोरपंख | मोर के पंख | peacock feathers |
| सिर | सिर पर | on the heads |
| सोहत | शोभित होते हैं | look splendid |
| नीके | सुंदर ढंग से | beautifully |
| गुच्छ | गुच्छे | clusters |
| बीच | बीच | in between |
| बिच | बीच में | at intervals |
| कुसुम | फूलों | flowers |
| कली | कलियों | buds |
| के | के | of |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.233
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 228
- सहायक विषय
- पुष्पवाटिका-निरीक्षण, सीताजीका प्रथम दर्शन, श्रीसीतारामजीका परस्पर दर्शन
- मुद्रित पृष्ठ
- 228, 228
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।