बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
भानुप्रतापहि बाजि समेता। पहुँचाएसि छन माझ निकेता।।
मूल पाठ
भानुप्रतापहि बाजि समेता। पहुँचाएसि छन माझ निकेता।।
नृपहि नारि पहिं सयन कराई। हयगृहँ बाँधेसि बाजि बनाई।।
स्रोत अभिलेख 1.171 · पुस्तक पृ. 173, 174
भावार्थ
मूल पाठ के बादउसने प्रतापभानु राजाको घोड़ेसहित क्षणभरमें घर पहुँचा दिया। राजाको रानीके पास सुलाकर घोड़ेको अच्छी तरहसे घुड़सालमें बाँध दिया॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 174 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 भानुप्रतापहि बाजि समेता। पहुँचाएसि छन माझ निकेता।।
English explanation
He brought Bhanup ratap, together with his horse, home in a moment.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| भानुप्रतापहि | राजा भानुप्रताप को | King Bhanupratap |
| बाजि | घोड़े | horse |
| समेता | सहित | together with |
| पहुँचाएसि | उसने पहुँचा दिया | he brought |
| छन | क्षण | a moment |
| माझ | में | within |
| निकेता | घर | home |
2 नृपहि नारि पहिं सयन कराई। हयगृहँ बाँधेसि बाजि बनाई।।
English explanation
He laid the king to sleep beside his wife and properly secured the horse in the stable.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| नृपहि | राजा को | the king |
| नारि | पत्नी | his wife |
| पहिं | के पास | beside |
| सयन | शयन | sleep |
| कराई | कराया | caused to lie down |
| हयगृहँ | अस्तबल में | in the stable |
| बाँधेसि | उसने बाँधा | he tied |
| बाजि | घोड़े को | the horse |
| बनाई | ठीक से | properly |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.171
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 174
- सहायक विषय
- प्रतापभानुकी कथा
- मुद्रित पृष्ठ
- 173, 174
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।