बालकाण्ड · चौपाई · चौपाई
कुल समेत रिपु मूल बहाई। चौथे दिवस मिलब मैं आई।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दकुलसहित शत्रुको जड़-मूलसे उखाड़-बहाकर, [आजसे] चौथे दिन मैं तुमसे आ मिलूँगा। [इस प्रकार] तपस्वी राजाको खूब दिलासा देकर वह महामायावी और अत्यन्त क्रोधी राक्षस चला॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 173 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
कुल समेत रिपु मूल बहाई। चौथे दिवस मिलब मैं आई।।
तापस नृपहि बहुत परितोषी। चला महाकपटी अतिरोषी।।
स्रोत अभिलेख 1.171 · पुस्तक पृ. 173, 174
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 कुल समेत रिपु मूल बहाई। चौथे दिवस मिलब मैं आई।।
English explanation
After uprooting the enemy together with his family, I will return to meet you on the fourth day.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कुल | परिवार | family |
| समेत | सहित | together with |
| रिपु | शत्रु को | the enemy |
| मूल | जड़ से | at the root |
| बहाई | मिटाकर | having swept away |
| चौथे | चौथे | fourth |
| दिवस | दिन | day |
| मिलब | मिलूँगा | will meet you |
| मैं | मैं | I |
| आई | आकर | having come |
2 तापस नृपहि बहुत परितोषी। चला महाकपटी अतिरोषी।।
English explanation
After greatly reassuring the king disguised as an ascetic, the deeply deceitful and wrathful demon departed.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| तापस | तपस्वी-वेशधारी | disguised as an ascetic |
| नृपहि | राजा को | the king |
| बहुत | बहुत | greatly |
| परितोषी | संतुष्ट करके | having reassured |
| चला | चला गया | departed |
| महाकपटी | अत्यंत कपटी | deeply deceitful |
| अतिरोषी | अत्यंत क्रोधी | extremely wrathful |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- बालकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 1.171
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 173
- सहायक विषय
- प्रतापभानुकी कथा
- मुद्रित पृष्ठ
- 173, 174
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।